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Ghazipur News: कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया बदरिया घिर आइल सजनी...
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गाजीपुर। साहित्य चेतना समाज के महिला प्रकोष्ठ की ओर से शहर के गोलाघाट स्थित बाबा जागेश्वरनाथ मंदिर के सभागार में रविवार की देर शाम कजरी गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कलाकारों ने कजरी सुनाकर श्रोताओं को अपने सुर, लय एवं ताल पर झूमने के लिए बाध्य कर दिया।
कार्यक्रम में लोक गायिका शांभवी उपाध्याय ने कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घिर आइल सजनी और अरे रामा भिंगेले मोरी चुनरिया, बदरिया बरसे रे हरि सुनाकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। राजूजी मौर्य ने श्याम नहीं घर आए, पानी बरसन लागे ना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। वर्तिका पांडेय ने हरे रामा कृष्ण बने मनीहारी, पहिन के सारी ना एवं राजेश निराला ने सखिया सावन बहुत लुभावन सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया। अंकित आर्या ने छोटकी ननदी के बात ना सहाई, हो जाई लड़ाई पिया ना प्रस्तुत किया।
राजन तिवारी ने पिया मेहंदी लिया दा मोतीझील से, जाके साइकिल से ना और अनीता यादव ने गए मथुरा से श्याम नहीं आए, जीया घबराए सखी ना सुनाकर प्रशंसा अर्जित की।
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राकेश शर्मा ने झूला पड़ गइले अमवा की डाल पर और गायत्री साहू ने झूला झूले महादेव सुनाकर श्रोताओं को प्रभावित किया।
इसके अतिरिक्त संजू पांडेय, चिंता यादव एवं नीतू यादव की भी प्रस्तुति सराहनीय रही। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं खुशी चौधरी, यशस्विनी पांडेय और आर्या राय की शिव वंदना से हुआ। संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कलाकारों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक संगीता त्रिपाठी एवं रागिनी त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव हीराराम गुप्त, संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी, डाॅ. संतोष सिंह, डाॅ. संजय राय, डाॅ.रामनारायण तिवारी, साक्षी सक्सेना, अरुण कुमार तिवारी, संतोष तिवारी, आनंद प्रकाश अग्रवाल, आनंद तिवारी आदि उपस्थित थे। आभार शैलेंद्र तिवारी ने व्यक्त किया।
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कार्यक्रम में लोक गायिका शांभवी उपाध्याय ने कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया, बदरिया घिर आइल सजनी और अरे रामा भिंगेले मोरी चुनरिया, बदरिया बरसे रे हरि सुनाकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। राजूजी मौर्य ने श्याम नहीं घर आए, पानी बरसन लागे ना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। वर्तिका पांडेय ने हरे रामा कृष्ण बने मनीहारी, पहिन के सारी ना एवं राजेश निराला ने सखिया सावन बहुत लुभावन सुनाकर श्रोताओं को आनंदित किया। अंकित आर्या ने छोटकी ननदी के बात ना सहाई, हो जाई लड़ाई पिया ना प्रस्तुत किया।
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राजन तिवारी ने पिया मेहंदी लिया दा मोतीझील से, जाके साइकिल से ना और अनीता यादव ने गए मथुरा से श्याम नहीं आए, जीया घबराए सखी ना सुनाकर प्रशंसा अर्जित की।
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राकेश शर्मा ने झूला पड़ गइले अमवा की डाल पर और गायत्री साहू ने झूला झूले महादेव सुनाकर श्रोताओं को प्रभावित किया।
इसके अतिरिक्त संजू पांडेय, चिंता यादव एवं नीतू यादव की भी प्रस्तुति सराहनीय रही। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ छात्राओं खुशी चौधरी, यशस्विनी पांडेय और आर्या राय की शिव वंदना से हुआ। संस्था के संस्थापक अमरनाथ तिवारी अमर ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कलाकारों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक संगीता त्रिपाठी एवं रागिनी त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव हीराराम गुप्त, संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी, डाॅ. संतोष सिंह, डाॅ. संजय राय, डाॅ.रामनारायण तिवारी, साक्षी सक्सेना, अरुण कुमार तिवारी, संतोष तिवारी, आनंद प्रकाश अग्रवाल, आनंद तिवारी आदि उपस्थित थे। आभार शैलेंद्र तिवारी ने व्यक्त किया।