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Ghazipur News: एसएसबी में सफाईकर्मी के पति ने दो बच्चों की हत्या कर दी जान
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मृतक अमरीश ठाकुर के रोते बिलखते परिजन। स्रोत- पाठक
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नौतनवा/गाजीपुर। सशस्त्र सीमा बल की एसएसबी 66वीं वाहिनी में तैनात सफाईकर्मी के पति और उनके दो बच्चों का शव रविवार की सुबह गांधी नगर वार्ड स्थित किराये के कमरे में लटका मिला। सफाईकर्मी के पति ने सुसाइड नोट में पत्नी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
घटना की जानकारी होते ही सीओ अंकुर गौतम एवं थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव मयफोर्स मौके पर पहुंचे और तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, तहसीलदार कर्ण सिंह एवं एसएसबी के भी तमाम अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।
जानकारी के मुताबिक, एसएसबी की 66वीं वाहिनी के मुख्यालय में बतौर सफाईकर्मी तैनात बंदना निवासी मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर अपने पति अमरीश कुमार और दो बच्चों कंचन (4) एवं अमरेंद्र (3) के साथ कस्बे के गांधी नगर वार्ड में किराए पर कमरा लेकर रहती हैं।
रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे बंदना ड्यूटी पर चली गईं। कुछ देर बाद उन्हें घर वालों से सूचना मिली कि अमरीश से फोन पर बात हुई है और वह कुछ अनहोनी घटना को अंजाम देने वाला है। बंदना ने बताया कि उन्होंने तत्काल अपने सहकर्मियों और स्वयं 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दी और वहां से घर के लिए निकल पड़ीं। हालांकि जब तक लोग पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी। बंदना ने कमरे में पहुंचने पर देखा कि बेटी कंचन का शव किचन की खिड़की में रस्सी के सहारे लटक रहा था और बेटे अमरेंद्र का शव फंदा टूटने की वजह से नीचे जमीन पर पड़ा हुआ था। किचन से सटे कमरे के फर्श पर खून के छींटे पड़े थे। पति के बाएं हाथ की नस कटी हुई थी और उनका भी शव छत के पंखे में कपड़ों से बने फंदे के सहारे लटका था। यह नजारा देख वहां मौजूद सभी स्तब्ध रह गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनाक्रम की जांच और विधिक कार्रवाई में जुट गई है। घटना के बाद से ही महिला एसएसबी जवान का रो-रोकर बुरा हाल है। महिला जवान के पति बेरोजगार थे और घर पर ही बच्चों की देखभाल सहित पारिवारिक जिम्मेदारियां को संभालते थे। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि एसएसबी जवान के परिजनों को सूचना देते हुए तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पत्नी को ठहराया जिम्मेदार अवैध संबंध का था शक
नौतनवा/गाजीपुर। एसएसबी में तैनात सफाईकर्मी के पति और बच्चों की मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है। कमरे में दीवार पर एक सुसाइड नोट भी लिखा मिला है। सुसाइड नोट में पति ने पत्नी का किसी दूसरे व्यक्ति से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है। साथ ही पत्नी के मायके वालों पर उसे सह देने का जिक्र किया है। जबकि बच्चों को मारने की वजह अपने से उन्हें दूर न रख पाने का कारण लिखा है। मूल रूप से मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर के रहने वाले अमरीश कुमार की शादी करीब सात वर्ष पूर्व महमूदपुर थाना जंगीपुर जनपद गाजीपुर की रहने वाली बंदना के साथ हुआ था। बंदना शादी के बाद एसएसबी में भर्ती हो गई थीं। दोनों से कंचन और अमरेंद्र दो बच्चे भी हुए। नौतनवा से पहले बंदना की तैनाती एसएसबी के 53वीं बटालियन में पश्चिम बंगाल में थी। वहां से अभी पिछले साल ही उन्हें 66वीं बटालियन नौतनवा में स्थानांतरित किया गया था। नौतनवा आने के बाद वह परिवार के साथ पहले बाईपास पर कहीं रहती थीं, फिर कुछ माह बाद वहां से गांधी नगर वार्ड में आकर रहने लगीं। पति घर पर ही रहकर बच्चों की देखभाल किया करते थे। बंदना के मुताबिक, पति से उनकी नहीं बनती थी। छोटी-छोटी बात पर भी झगड़ा हो जाया करता था। उन्होंने बताया कि कई बार परिवार से भी यह शिकायत की लेकिन परिवार के लोग लोकलाज के डर से रिश्ता निभाने के लिए समझाते रहे।
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घटना की जानकारी होते ही सीओ अंकुर गौतम एवं थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव मयफोर्स मौके पर पहुंचे और तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, तहसीलदार कर्ण सिंह एवं एसएसबी के भी तमाम अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।
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जानकारी के मुताबिक, एसएसबी की 66वीं वाहिनी के मुख्यालय में बतौर सफाईकर्मी तैनात बंदना निवासी मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर अपने पति अमरीश कुमार और दो बच्चों कंचन (4) एवं अमरेंद्र (3) के साथ कस्बे के गांधी नगर वार्ड में किराए पर कमरा लेकर रहती हैं।
रविवार की सुबह करीब 6:30 बजे बंदना ड्यूटी पर चली गईं। कुछ देर बाद उन्हें घर वालों से सूचना मिली कि अमरीश से फोन पर बात हुई है और वह कुछ अनहोनी घटना को अंजाम देने वाला है। बंदना ने बताया कि उन्होंने तत्काल अपने सहकर्मियों और स्वयं 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दी और वहां से घर के लिए निकल पड़ीं। हालांकि जब तक लोग पहुंचे तब तक काफी देर हो चुकी थी। बंदना ने कमरे में पहुंचने पर देखा कि बेटी कंचन का शव किचन की खिड़की में रस्सी के सहारे लटक रहा था और बेटे अमरेंद्र का शव फंदा टूटने की वजह से नीचे जमीन पर पड़ा हुआ था। किचन से सटे कमरे के फर्श पर खून के छींटे पड़े थे। पति के बाएं हाथ की नस कटी हुई थी और उनका भी शव छत के पंखे में कपड़ों से बने फंदे के सहारे लटका था। यह नजारा देख वहां मौजूद सभी स्तब्ध रह गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनाक्रम की जांच और विधिक कार्रवाई में जुट गई है। घटना के बाद से ही महिला एसएसबी जवान का रो-रोकर बुरा हाल है। महिला जवान के पति बेरोजगार थे और घर पर ही बच्चों की देखभाल सहित पारिवारिक जिम्मेदारियां को संभालते थे। थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि एसएसबी जवान के परिजनों को सूचना देते हुए तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पत्नी को ठहराया जिम्मेदार अवैध संबंध का था शक
नौतनवा/गाजीपुर। एसएसबी में तैनात सफाईकर्मी के पति और बच्चों की मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है। कमरे में दीवार पर एक सुसाइड नोट भी लिखा मिला है। सुसाइड नोट में पति ने पत्नी का किसी दूसरे व्यक्ति से अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है। साथ ही पत्नी के मायके वालों पर उसे सह देने का जिक्र किया है। जबकि बच्चों को मारने की वजह अपने से उन्हें दूर न रख पाने का कारण लिखा है। मूल रूप से मिर्जापुर थाना सैदपुर जिला गाजीपुर के रहने वाले अमरीश कुमार की शादी करीब सात वर्ष पूर्व महमूदपुर थाना जंगीपुर जनपद गाजीपुर की रहने वाली बंदना के साथ हुआ था। बंदना शादी के बाद एसएसबी में भर्ती हो गई थीं। दोनों से कंचन और अमरेंद्र दो बच्चे भी हुए। नौतनवा से पहले बंदना की तैनाती एसएसबी के 53वीं बटालियन में पश्चिम बंगाल में थी। वहां से अभी पिछले साल ही उन्हें 66वीं बटालियन नौतनवा में स्थानांतरित किया गया था। नौतनवा आने के बाद वह परिवार के साथ पहले बाईपास पर कहीं रहती थीं, फिर कुछ माह बाद वहां से गांधी नगर वार्ड में आकर रहने लगीं। पति घर पर ही रहकर बच्चों की देखभाल किया करते थे। बंदना के मुताबिक, पति से उनकी नहीं बनती थी। छोटी-छोटी बात पर भी झगड़ा हो जाया करता था। उन्होंने बताया कि कई बार परिवार से भी यह शिकायत की लेकिन परिवार के लोग लोकलाज के डर से रिश्ता निभाने के लिए समझाते रहे।

मृतक अमरीश ठाकुर के रोते बिलखते परिजन। स्रोत- पाठक
