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Ghazipur News: अस्पताल, स्कूल के पास हैंडपंप खराब, प्यासे लोग, व्यवस्था लाचार
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गाजीपुर। जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल की समस्या भी सिर उठाने लगी है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक करीब 20 फीसदी हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे राहगीरों, मरीजों और स्थानीय लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
नगर क्षेत्र में अस्पताल, स्कूल, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर लगे हैंडपंप खराब होने से लोगों को बोतलबंद पानी खरीदना मजबूरी है। शहर में नगर पालिका के अनुसार करीब 347 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें नगर पालिका के जलकल विभाग की ओर से 30 से अधिक रिबोर के लिए चिह्नित किए गए है, जबकि 30 खराब है, जिनकी मरम्मत कराई जानी है।
करीब 20 फीसदी हैंडपंप खराब या कम पानी दे रहे हैं। महिला अस्पताल, नवापुरा, रायगंज, बड़ी बाग कांशीराम आवास, मिश्र बजार स्थित सिटी स्कूल, कोतवाली परिसर, आमघाट कालोनी, कपूरपुर, लकड़ी के टाल, नई सब्जीमंडी, नख्खास आदि कई मोहल्लों में सार्वजनिक स्थानों पर लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है।
देहात में भी हालात बेहतर नहीं हैं। बहरियाबाद, रेवतीपुर, जंगीपुर, बहादुरगंज, जमानिया, सैदपुर आदि क्षेत्र में लगा हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा है। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। अधिकारियों के अनुसार खराब हैंडपंपों की सूची तैयार की जा रही है। एक हैंडपंप के रिबोर पर करीब 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। जल्द ही मरम्मत और रिबोर का काम कराया जाएगा।
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नगर क्षेत्र में अस्पताल, स्कूल, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों पर लगे हैंडपंप खराब होने से लोगों को बोतलबंद पानी खरीदना मजबूरी है। शहर में नगर पालिका के अनुसार करीब 347 से अधिक इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें नगर पालिका के जलकल विभाग की ओर से 30 से अधिक रिबोर के लिए चिह्नित किए गए है, जबकि 30 खराब है, जिनकी मरम्मत कराई जानी है।
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करीब 20 फीसदी हैंडपंप खराब या कम पानी दे रहे हैं। महिला अस्पताल, नवापुरा, रायगंज, बड़ी बाग कांशीराम आवास, मिश्र बजार स्थित सिटी स्कूल, कोतवाली परिसर, आमघाट कालोनी, कपूरपुर, लकड़ी के टाल, नई सब्जीमंडी, नख्खास आदि कई मोहल्लों में सार्वजनिक स्थानों पर लगे हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना रहता है।
देहात में भी हालात बेहतर नहीं हैं। बहरियाबाद, रेवतीपुर, जंगीपुर, बहादुरगंज, जमानिया, सैदपुर आदि क्षेत्र में लगा हैंडपंप काफी समय से खराब पड़ा है। इसके कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई। अधिकारियों के अनुसार खराब हैंडपंपों की सूची तैयार की जा रही है। एक हैंडपंप के रिबोर पर करीब 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। जल्द ही मरम्मत और रिबोर का काम कराया जाएगा।
