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Ghazipur News: दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Thu, 13 Aug 2026 01:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 01:48 AM IST
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Indefinite sit-in protest by document writers and advocates begins.
सदर रजिस्ट्री कार्यालय से पत्रक देने जाते बैनामा दस्तावेज लेखक संघ व सिविल बार संघ के अधिवक्ता।
भूमि के बैनामे से पहले सर्किल रेट, क्रेता-विक्रेता के बीच वास्तविक लेनदेन, भूमि पर कब्जे और विक्रेता के अंश निर्धारण की जांच अनिवार्य किए जाने के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश के विरोध में बुधवार को सदर रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में बैनामा दस्तावेज लेखक संघ और सिविल बार संघ के अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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इससे रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज ठप रहा। धरने से पहले अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय से जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए रायफल क्लब पहुंचे और एडीएम वेद सिंह चौहान को पत्रक सौंपकर निर्देश वापस लेने की मांग की।
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बैनामा दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी ने पांच अगस्त को जिले के सभी उपजिलाधिकारियों और सब रजिस्ट्रारों को भूमि के बैनामे से संबंधित जांच के निर्देश दिए थे।
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जिले में अंश से अधिक भूमि बेचने, बिना कब्जे वाली भूमि का बैनामा करने और सर्किल रेट से कम मूल्य पर लेनदेन के मामले बढ़ने के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत बैनामे से पहले विक्रेता के अंश, सर्किल रेट के सापेक्ष क्रेता-विक्रेता के बीच हुए वास्तविक लेनदेन और भूमि पर कब्जे की स्थिति की जांच अनिवार्य की गई है। रजिस्ट्री कार्यालय की ओर से जांच के लिए पत्र जारी होने के 72 घंटे के भीतर तहसील प्रशासन को रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने इस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि तहसील क्षेत्र की आधे से अधिक खतौनियों में अभी अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। ऐसे में प्रत्येक बैनामे से पहले अंश निर्धारण की जांच अनिवार्य होने से लोगों को रजिस्ट्री कराने में अनावश्यक परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि कई मामलों में भूमि का वास्तविक मूल्य कम होता है और क्रेता-विक्रेता आपसी सहमति से उसी आधार पर लेनदेन करते हैं। इस मौके पर संजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार पांडेय, रजा जमाल जैदी, गजेंद्र प्रसाद गुप्ता और सतीश यादव आदि मौजूद रहे।
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