सैदपुर क्षेत्र के खोजनपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार सुबह कीचड़ से भरी कच्ची सड़क पर धान रोपकर विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस सड़क पर इंटरलॉकिंग का काम कागजों में पूरा दिखाया गया है, मौके पर वहां मिट्टी और कीचड़ के अलावा कुछ नहीं है। इसके अलावा गांव में हाल ही में बने खड़ंजे में घटिया ईंटों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की एक पतली सड़क पर इंटरलॉकिंग का कार्य स्वीकृत होने के साथ ही अभिलेखों में पूरा भी दर्शाया गया है। जबकि मौके पर सड़क कच्ची है । इससे नाराज ग्रामीण बुधवार सुबह करीब 10 बजे सड़क पर जुटे और नारेबाजी करते हुए धान रोपा। प्रदर्शन करने वालों में सतीश यादव के अलावा मुन्ना, भोला, मोहन, सिरपत, रामअवध, मोती और घूरा आदि शामिल रहे। खंड विकास अधिकारी देवकली जमालुद्दीन ने कहा, मामला गंभीर है और अब तक मेरे संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिली है। मैं खुद मौके पर जाकर जांच करूंगा। ग्रामीणों ने गांव में बने नए खड़ंजे में सेमा ईंटों के इस्तेमाल का भी विरोध किया।
उनका कहना है कि घटिया सामग्री के कारण खड़ंजा जल्द ही खराब हो जाएगा। गांव निवासी सतीश यादव ने मनरेगा कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है। उनका आरोप है कि बड़िहारी सरहद से पक्की सड़क तक नाला खुदाई और खोजनपुर में मुख्य नदी से मुख्य पुलिया तक नाला खुदाई के लिए मस्टर रोल जारी किया गया है।