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Ghazipur News: बारिश न होने से सब्जी की फसलों पर झुलसा रोग के दिखने लगे लक्षण खतरा
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जिले में जुलाई महीने में अच्छी बारिश न होने से सब्जी की खेती पर झुलसा रोग का संकट मंडराने लगा है। मानसून की बारिश जुलाई माह में औसतन 282 के सापेक्ष मात्र 85 मिलीमीटर हुई है। बारिश न होने से सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाजार में भी सब्जी की आवक कम हुई है।
जिले में ढ़ाई लाख किसान है। नमी की कमी और उमस के कारण टमाटर, मिर्च, बैंगन, नेनुआ, लौकी, करेला की फसल में झुलसा रोग तेजी से फैल रहा है। पत्तियों पर भूरे-काले धब्बे और पौधों का मुरझाना इस रोग के मुख्य लक्षण हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ.आरपी चौधरी ने कहा कि फसलों की निगरानी किसान करते रहें। लक्षण दिखने पर मोबाइल में उसकी फोटो खिंच लें, विशेषज्ञ को दिखाएं, सलाह पर दवाओं का छिड़काव करें। तापमान में उतार-चढ़ाव और सूखे के बाद हल्की बूंदाबांदी से फंगस को पनपने का मौका मिल रहा है। खेत में हल्की सिंचाई करें, फसल चक्र अपनाएं और प्रभावित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें। साथ ही विशेषज्ञ की सलाह पर दवाओं का छिड़काव करें। प्रगतिशील किसान सुबाष दूबे, दीपक मिश्रा, विनय सरोज ने बताया कि हर साल बारिश के दिनों में सड़न, फंगस रोग लगता था, लेकिन इस बार झुलसा रोग के लक्षण दिखे रहे हैं। यदि एक सप्ताह तक ऐसा नहीं मौसम रहा, तो रोग लगना तय है।
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जिले में ढ़ाई लाख किसान है। नमी की कमी और उमस के कारण टमाटर, मिर्च, बैंगन, नेनुआ, लौकी, करेला की फसल में झुलसा रोग तेजी से फैल रहा है। पत्तियों पर भूरे-काले धब्बे और पौधों का मुरझाना इस रोग के मुख्य लक्षण हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ.आरपी चौधरी ने कहा कि फसलों की निगरानी किसान करते रहें। लक्षण दिखने पर मोबाइल में उसकी फोटो खिंच लें, विशेषज्ञ को दिखाएं, सलाह पर दवाओं का छिड़काव करें। तापमान में उतार-चढ़ाव और सूखे के बाद हल्की बूंदाबांदी से फंगस को पनपने का मौका मिल रहा है। खेत में हल्की सिंचाई करें, फसल चक्र अपनाएं और प्रभावित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें। साथ ही विशेषज्ञ की सलाह पर दवाओं का छिड़काव करें। प्रगतिशील किसान सुबाष दूबे, दीपक मिश्रा, विनय सरोज ने बताया कि हर साल बारिश के दिनों में सड़न, फंगस रोग लगता था, लेकिन इस बार झुलसा रोग के लक्षण दिखे रहे हैं। यदि एक सप्ताह तक ऐसा नहीं मौसम रहा, तो रोग लगना तय है।
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