सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Piles of filth in the city; 'propaganda' of cleanliness in the files

Ghazipur News: शहर में गंदगी का अंबार, फाइलों में स्वच्छता का ‘प्रचार’

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 12:11 AM IST
विज्ञापन
Piles of filth in the city; 'propaganda' of cleanliness in the files
शहर के प्रकाश टॉकीज में खुले में पड़ा कूड़ा। संवाद
विज्ञापन
गाजीपुर। नगर निकायों में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम कभी भी आ सकती है, जिसकी समयावधि 27 अप्रैल से 31 मई तक निर्धारित की गई है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन की कोई तैयारी नहीं की गई है। नाले बजबजा रहे हैं, नालियां ओवरफ्लो हैं, और खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर की यह तस्वीर बताती है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगर पालिका की कोई तैयारियां नहीं हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के माध्यम से शहरों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिकों की सहभागिता के आधार पर रैंकिंग प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा के माध्यम से शहरों को स्वच्छ बनाना है। वहीं, दूसरी ओर, शहर में कूड़ा डंपिंग ग्राउंड खत्म नहीं हो पाया है, जिससे खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है।
Trending Videos


खुले में कूड़ा फेंका जाना इस बात का संकेत है कि शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही है। शहर के आमघाट सहकारी कॉलोनी, लकड़ी का टाल, प्रकाश टाकीज, नवापुरा, लंका आदि स्थानों पर खुले में कूड़ा फेंका जाता है। इसके अलावा, शहर की विभिन्न कॉलोनियों जैसे तड़बड़नवा, तुलसीसागर, मुगलानीचक, अष्टभुजी, राधे नगर में खाली पड़े प्लॉट कूड़ाघर बन चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहर के कलक्टरघाट, ददरीघाट, टैक्सी स्टैंड जैसे स्थानों पर खुले में नाले बजबजा रहे हैं। यही हाल नालियों का भी है, जो नियमित सफाई के अभाव में ओवरफ्लो हो चुकी हैं। शौचालयों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। कलक्टरघाट स्थित सामुदायिक शौचालय की हालत खराब है। मिश्रबाजार में खुली बजबजाती नाली, स्टेशन रोड पर खुला नाला, रोडवेज डिपो के सामने, लंका-स्टेशन रोड और लंका गेट नंबर चार पर कूड़े के ढेर, स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग को प्रभावित कर सकते हैं।

2024 में जिले में चौथे स्थान पर थी नपा
गाजीपुर। 2024 के स्वच्छता सर्वेक्षण में जनपद में नगर पंचायत जंगीपुर 7640 अंक के साथ अव्वल रहा। ओडीएफ प्लस, प्लस प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद, दूसरे स्थान पर नगर पंचायत बहादुरगंज 7434 अंक के साथ रही, जिसे ओडीएफ प्लस मिला। नगर पंचायत जमानिया 6946 अंक के साथ तीसरे और नगर पालिका गाजीपुर 6554 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही। जिले का कोई भी नगर निकाय प्रदेश के टॉप 260 निकायों की सूची में शामिल नहीं हुआ, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण में 12,500 अंक के आधार पर रैंकिंग की गई थी।

शहर के तड़बड़नवा स्थित खाली प्लॉट में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। आसपास के लोग बताते हैं कि सफाई कर्मचारी कूड़ा नहीं उठाने आते, जिसके कारण कूड़े का ढेर लग गया है। इससे लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।

शहर का ददरीघाट, जो कि जिले का प्रमुख गंगा घाट है, यहां खुले में नाला बह रहा है। नाले की सिल्ट की सफाई भी नहीं की गई है, जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण टीम कभी भी शहर का दौरा कर सकती है।

नगर पालिका प्रशासन को ऐसी तैयारियां करनी चाहिए, ताकि स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर बेहतर रैंकिंग प्राप्त कर सके। - मनोज कुमार, महुआबाग

स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के लिए नगर पालिका की तैयारियां जमीन पर नहीं दिख रही हैं। - सतीश उपाध्याय, वैद्यटोली रायगंज

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पूरी तैयारी की जा रही है। सार्वजनिक स्थानों और शौचालयों की साफ-सफाई का कार्य जारी है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन भी किया जा रहा है। - डीके राय, ईओ नगर पालिका परिषद गाजीपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed