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Ghazipur News: पार्क में घूमने आएं या लौट जाएं, टूटी बेंच पाथवे पर बालू, पीने के लिए पानी भी नहीं
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शहर के गोराबाजार स्थित रवींद्र नाथ टैगोर पार्क में टूटा पड़ा झूला। संवाद
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गाजीपुर। नगर में पार्क बदहाल पड़े हैं। स्थिति यह है कि पाथवे पर फैला है। इसका कारण अब तक ओपन जिम की सुविधा नहीं मिली है, जबकि इन पार्कों के सुंदरीकरण के लिए अलग-अलग वित्तीय वर्ष में करीब 80 लाख से ज्यादा रुपये खर्च किए गए, बावजूद दौड़ने के लिए बनाए गए फुटपाथ, खेलने के लिए लगे झूलों की व्यवस्था तो दूर, प्यास बुझाने तक के इंतजाम नहीं हैं।
शौचालय की स्थिति भी रामभरोसे ही है। विद्युत आपूर्ति न होने व टैंक से लगातार गिरता पानी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। ऐसे में इन पार्कों में प्रतिदिन आने वाले करीब 2000 से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।
शहर के सहकारी कॉलोनी आमघाट के सुंदरीकरण के लिए 2022 में अमृत योजना के तहत करीब 41.83 लाख रुपये की लागत से कार्य का शिलान्यास किया गया था।
इसके तहत पार्क में टहलने के लिए रंगीन पेवर्स इंटरलॉकिंग, बच्चों के लिए झूले, प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन, शौचालय, पार्क के कुएं का फाउंडेशन एवं चहारदीवारी का निर्माण होना था।
चहारदीवारी का निर्माण हुआ, पाथवे बनाए गए और पौधों के बीच लाइटिंग लैंप लगाए गए, लेकिन बच्चों के खेलने के झूले अब तक नहीं लग सके। यही नहीं, स्थापित शौचालय में आज तक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है। साथ ही टैंक से पानी लगातार गिरता रहता है।
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शौचालय की स्थिति भी रामभरोसे ही है। विद्युत आपूर्ति न होने व टैंक से लगातार गिरता पानी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। ऐसे में इन पार्कों में प्रतिदिन आने वाले करीब 2000 से अधिक लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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शहर के सहकारी कॉलोनी आमघाट के सुंदरीकरण के लिए 2022 में अमृत योजना के तहत करीब 41.83 लाख रुपये की लागत से कार्य का शिलान्यास किया गया था।
इसके तहत पार्क में टहलने के लिए रंगीन पेवर्स इंटरलॉकिंग, बच्चों के लिए झूले, प्रकाश व्यवस्था के लिए लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन, शौचालय, पार्क के कुएं का फाउंडेशन एवं चहारदीवारी का निर्माण होना था।
चहारदीवारी का निर्माण हुआ, पाथवे बनाए गए और पौधों के बीच लाइटिंग लैंप लगाए गए, लेकिन बच्चों के खेलने के झूले अब तक नहीं लग सके। यही नहीं, स्थापित शौचालय में आज तक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो सकी है। साथ ही टैंक से पानी लगातार गिरता रहता है।
