गाजीपुर। सीबीएसई की 12वीं कक्षा में अपनी मेधा का परचम लहराने वाले अधिकांश मेधावियों ने चार से छह घंटे के अध्ययन को अपनी सफलता का मंत्र बताया। इसमें कोई भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की हसरत रखता है, तो किसी की डॉक्टर व इंजीनियर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा है। बोर्ड परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंकों के साथ श्रेष्ठता सूची में बाजी मारने वाली सृष्टि राय कहती हैं कि उन्होंने स्कूल की पढ़ाई के अलावा चार से पांच घंटे नियमित अध्ययन किया। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली इस मेधावी की चिकित्सका के क्षेत्र में जाने की इच्छा है। इसके लिए वह पूरे मनोयोग से तैयारी कर रही हैं। उसका कहना है कि अगर लगन से लक्ष्य के प्रति प्रयास किया जाए तो सफलता खुद ब खुद कदम चूमती है। हिमांशु त्रिपाठी का कहना है कि वह रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करते रहे। इंजीनियरिंग का पेशा अपनाने की हसरत रखने वाले इस होनहार ने कहा कि अगर समय सारिणी बनाकर तैयारी की जाए तो कामयाबी मिलना तय है।
उन्होंने शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों के कुशल मार्गदर्शन को अपनी सफलता का राज बताया। शताक्षी यादव कहती हैं कि उनकी शुरु से ही सिविल सेवा में जाने की इच्छा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वह जी-तोड़ मेहनत करेंगी। उन्होंने कहा कि स्कूल के अलावा घर पर वह चार से पांच घंटे पढ़ती रही हैं। अभिजीत कुमार इंजीनियर बनना चाहते हैं। इसके लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि लक्ष्य के प्रति ईमानदारी से प्रयास किया जाए तो सफलता जरूर मिलेगी। कमोवेश इसी तरह कुछ अन्य मेधावियों ने भी आईएएस, डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की।