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Ghazipur News: ब्लड बैंक में सिर्फ ढाई दिन का खून ए निगेटिव का एक भी यूनिट नहीं
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थित ब्लड बैंक। संवाद
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गाजीपुर। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में वर्तमान सिर्फ 50 यूनिट खून बचा है, जबकि प्रतिदिन खून की डिमांड करीब 20 यूनिट की है। डिमांड के अुनसार ब्लड बैंक में ढाई दिन का रक्त ही बचा है। हालांकि एक्सजेंस के चलते ब्लड बैंक की रक्त शून्यता नहीं हो रही है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 300 क्षमता वाले ब्लड बैंक में वर्तमान में मात्र 50 यूनिट ही रक्त है। इसमें भी ओ और बी पॉजिटिव सबसे अधिक 20-20 यूनिट है। वहीं ए पॉजिटिव आठ और एबी निगेटिव के दो यूनिट रक्त है, जबकि ए निगेटिव का एक यूनिट भी रक्त न होने से परेशानी बढ़ी हुई है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आने वाले डोनरों एवं एक्सचेंज की तकनीक से आवश्यकता वाले मरीजों को उपलब्ध हो पा रही है।
यहां कैंसर, थैलेसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया संबंधित मरीजों को प्रतिमाह करीब 85 यूनिट रक्त ब्लड बैंक उपलब्ध कराता है। इसके अलावा जननी सुरक्षा के तहत गर्भवती महिला और प्रसूताओं को भी प्रतिमाह करीब 70 यूनिट ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसे में क्षमता से कम बैंक में रक्त होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक की ओर से लगातार कैंप लगवाने और डोनरों के सहारे जरूरतमंदों को बैंक की ओर से ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में ए निगेटिव ब्लड न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
एबी निगेटिव ग्रुप का दो यूनिट ब्लड होने से मरीजों को थोड़ी राहत भी मिली है, वजह इस ग्रुप का भी ब्लड जल्द न मिलने की स्थिति में ब्लड बैंक कर्मियों और मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ती है। ऐसे में ब्लड बैंक कर्मियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले डोनरों को बुलाकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाता है।
ब्लड बैंक के पास 3000 डोनर की सूची
गाजीपुर। ब्लड बैंक के पास 3000 डोनर की सूची है। ब्लड बैंक में रक्त न होने की स्थिति में डोनरों से सहायता ली जाती है। स्वैच्छिक रूप से डोनर पहुंचकर ब्लड देते हैं। यहीं नहीं अप्रैलमें दो शिविर भी ब्लड बैंक की ओर से लगाया गया, जिससे अधिक से अधिक विभिन्न ग्रुप के ब्लड सुरक्षित रखा जाए, जिससे जरूरतमंदों को आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
एक वर्ष में 21 कैंप, 646 यूनिट खून एकत्र किया
बीते वर्ष एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च तक 21 कैंप का आयोजन हुआ। इसमें 646 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ। जबकि 4800 ब्लड एक्सचेंज हुआ है। ऐसे में करीब 5446 यूनिट ब्लड मरीजों को एक वर्ष में उपलब्ध कराया गया। ब्लड बैंक की ओर से ब्लड कैंसर, प्लास्टिक एनीमिया, थैलेसीमिया, डायलिसिस, टीबी, एचआईवी, विकलांग और दिव्यांग मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
कैंसर, थैलेसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया व जननी सुरक्षा संबंधित गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को उपलब्ध कराया जाता है। लोगों को जागरूक करके कैंप लगाया जाता है, जिससे ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता बनी रहे। - डॉ. केके यादव, प्रभारी, ब्लड बैंक
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 300 क्षमता वाले ब्लड बैंक में वर्तमान में मात्र 50 यूनिट ही रक्त है। इसमें भी ओ और बी पॉजिटिव सबसे अधिक 20-20 यूनिट है। वहीं ए पॉजिटिव आठ और एबी निगेटिव के दो यूनिट रक्त है, जबकि ए निगेटिव का एक यूनिट भी रक्त न होने से परेशानी बढ़ी हुई है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान को आगे आने वाले डोनरों एवं एक्सचेंज की तकनीक से आवश्यकता वाले मरीजों को उपलब्ध हो पा रही है।
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यहां कैंसर, थैलेसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया संबंधित मरीजों को प्रतिमाह करीब 85 यूनिट रक्त ब्लड बैंक उपलब्ध कराता है। इसके अलावा जननी सुरक्षा के तहत गर्भवती महिला और प्रसूताओं को भी प्रतिमाह करीब 70 यूनिट ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
ऐसे में क्षमता से कम बैंक में रक्त होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक की ओर से लगातार कैंप लगवाने और डोनरों के सहारे जरूरतमंदों को बैंक की ओर से ब्लड उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में ए निगेटिव ब्लड न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
एबी निगेटिव ग्रुप का दो यूनिट ब्लड होने से मरीजों को थोड़ी राहत भी मिली है, वजह इस ग्रुप का भी ब्लड जल्द न मिलने की स्थिति में ब्लड बैंक कर्मियों और मरीजों को दिक्कत उठानी पड़ती है। ऐसे में ब्लड बैंक कर्मियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान करने वाले डोनरों को बुलाकर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाता है।
ब्लड बैंक के पास 3000 डोनर की सूची
गाजीपुर। ब्लड बैंक के पास 3000 डोनर की सूची है। ब्लड बैंक में रक्त न होने की स्थिति में डोनरों से सहायता ली जाती है। स्वैच्छिक रूप से डोनर पहुंचकर ब्लड देते हैं। यहीं नहीं अप्रैलमें दो शिविर भी ब्लड बैंक की ओर से लगाया गया, जिससे अधिक से अधिक विभिन्न ग्रुप के ब्लड सुरक्षित रखा जाए, जिससे जरूरतमंदों को आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
एक वर्ष में 21 कैंप, 646 यूनिट खून एकत्र किया
बीते वर्ष एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च तक 21 कैंप का आयोजन हुआ। इसमें 646 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ। जबकि 4800 ब्लड एक्सचेंज हुआ है। ऐसे में करीब 5446 यूनिट ब्लड मरीजों को एक वर्ष में उपलब्ध कराया गया। ब्लड बैंक की ओर से ब्लड कैंसर, प्लास्टिक एनीमिया, थैलेसीमिया, डायलिसिस, टीबी, एचआईवी, विकलांग और दिव्यांग मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराया जाता है।
कैंसर, थैलेसीमिया, प्लास्टिक एनीमिया व जननी सुरक्षा संबंधित गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं को उपलब्ध कराया जाता है। लोगों को जागरूक करके कैंप लगाया जाता है, जिससे ब्लड बैंक में खून की उपलब्धता बनी रहे। - डॉ. केके यादव, प्रभारी, ब्लड बैंक
