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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   The minister's plants did not receive tree guards, were not watered in some areas, and were grazed by animals in others.

Ghazipur News: मंत्री के लगाए पौधों को नहीं मिले ट्री गार्ड, कहीं पानी नहीं दिया, कहीं पशुओं ने चरा

Tue, 14 Jul 2026 12:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 12:45 AM IST
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The minister's plants did not receive tree guards, were not watered in some areas, and were grazed by animals in others.
बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म - फोटो : 1
गाजीपुर। जनपद में रविवार को एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 47 लाख 68 हजार 730 पौधों को लगाकर हरियाली लाने का दावा किया गया। लेकिन, अगले दिन ही यह दावा हवा में उड़ता हुआ नजर आया। पौधरोपण के दौरान फोटो खींचवाया गया। पर्यावरण संरक्षण पर भाषण दिया गया, लेकिन जिम्मेदार पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेना भूल गए। बिरनो विकासखंड के शेखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पौधरोपण किया था। कार्यक्रम स्थल पर 200 पौधे लगाए गए थे। सोमवार को पड़ताल की गई तो पता चला कि पौधों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। यहां तक कि सिंचाई करना भी मुनासिब नहीं समझा गया।
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बिरनो विकासखंड के शेखपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के अलावा वाराणसी मंडलायुक्त एस राजलिंगम, डीएम अनुपम शुक्ला, सीडीओ आलोक प्रसाद व अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे। लगभग हर किसी ने पर्यावरण संरक्षण की बात कही। लेकिन, मवेशियों से पौधों को बचाने के लिए ट्री व ब्रिक गार्ड तक नहीं लगाया गया। केवल कैबिनेट मंत्री के हाथों रोपित पौधा ही नहीं बल्कि जनपद में रोपे गए हर पौधे बगैर ट्री गार्ड के मिले। पौधों की जड़ों की सूखी मिट्टी इस बात की गवाही दे रही थी कि सिंचाई भी नहीं की गई। पौधरोपण के बाद पौधों को उनकी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया गया है। जिले में वन विभाग समेत 27 विभागों ने पौधरोपण किया है।
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विभागवार किए गए पौधरोपण का ब्योरा

विभाग रोपित किए पौधों की संख्या

वन विभाग 1929000

ग्राम्य विकास 1713871

पंचायती राज 0

कृषि विभाग 465000

उद्यान 213000

पर्यावरण 161950

नगर विकास 29600

रेशम 23000

उच्च शिक्षा 20500

लोक निर्माण 11850

स्वास्थ्य 14940

उद्योग 21700

सहकारिता 9300

पशुपालन 14000

रक्षा 6000

प्राविधिक शिक्षा 5000

ऊर्जा 9300

माध्यमिक शिक्षा 15900

बेसिक शिक्षा 18000

श्रम 4500

सिंचाई 19700

गृह 10000

पिछड़ा वर्ग कल्याण 1200

ओरियंटल इंस्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड 51419

जनपद में बारिश का पता नहीं और हो गया पौधरोपण

जनपद में अभी बारिश लापता है। बरसात का मौसम होने के बाद भी लगातार बारिश नहीं हो रही है। इसके बावजूद पौधरोपण कर दिया गया। चिलचिलाती धूप में बगैर सिंचाई के पौधे कैसे जीवित रहेंगे, इसके बारे में नहीं सोचा गया। अगर एक-दो दिनों में मानसून की एंट्री हो जाती है तो पौधों के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाएगी, नहीं तो फिर उनकी किस्मत।
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एसडीएम ने जिस पौधे को लगाया, वह मुरझा गया

केस-एक

सैदपुर तहसील क्षेत्र के शादी भादी में 150 पौधों का रोपण किया गया था। सैदपुर एसडीएम ज्योति चौरसिया ने जिस पौधे का रोपण किया था, वह 24 घंटे में मुरझा गया। मुरझाने के कारण पौधा आधा झुका हुआ नजर आया। कुछ ऐसा ही हाल अन्य पौधों का भी नजर आया।

पौधों की पत्तियों को चट कर गईं बकरियां

केस-दो

बाराचवर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बदरपुर चांद में 45 पौधों को रोपा गया था। ट्री व ब्रिक गार्ड न होने के कारण पौधरोपण कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद ही बकरियों ने पौधों की पत्तियों को चट कर दिया। इसके कारण 11 पौधों की टहनियां व पत्तियां गायब हो चुकी हैं।

चार स्थानों पर 61 पौधों की पत्तियां व टहनियां गायब

केस तीन

पौधरोपण अभियान के 24 घंटे बाद ही जनपद के चार स्थानों से 61 पौधों की पत्तियां व टहनियां गायब नजर आईं। गोविंदपुर कीरत में 10, प्राथमिक विद्यालय बदरपुर चांद 11, दिलदारनगर 25, खास बरेसर में 15 पौधों की पत्तियां व टहनियां नदारद नजर आईं। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशी इनको खा गए। दिलदारनगर में पांच स्थानों पर गड्ढे व घेरे में चूने का छिड़काव दिखा, लेकिन पौधे नहीं दिखे।

प्रत्येक वर्ष लाखों पौधों का रोपण जिले में किया जाता है, लेकिन वृक्ष बहुत कम ही पौधे बन पाते हैं। इसका कारण इनका देखरेख नहीं होना है। - वीरेंद्र प्रजापति, मोलनापुर

पौधरोपण अभियान केवल कागज पर चलता है। अगर धरातल पर ईमानदारी से पौधों का रोपण करके उनका संरक्षण किया जाए, तो धरा पर हरियाली आ जाएगी।- इफ्तेखार खां, दिलदारनगर

जितना प्रचार पौधरोपण अभियान का किया गया, अगर उतना प्रयास उनकी देखरेख को किया जाता, तो हरियाली के क्षेत्र में जिले की स्थिति बदल जाती। - बृजेश कन्नौजिया, स्थानीय


पौधों को लगाने के साथ ट्री गार्ड देने की व्यवस्था नहीं है। वन विभाग की ओर से रोपित किए गए पौधों की सिंचाई की जा रही है। एक भी पौधा नष्ट होने की सूचना नहीं मिली है। अन्य पौधों का रोपण जिन विभागों की ओर से किया गया है, देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की है।-अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म- फोटो : 1

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म- फोटो : 1

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म- फोटो : 1

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म- फोटो : 1

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म

बिरनो विकासखंड के शेखपुर में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा रोपित किए गए पौधे म- फोटो : 1

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