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Ghazipur News: ठगों की कसेगी नकेल, 27 थानों में हुआ साइबर सेल का गठन
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गाजीपुर। साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई को लेकर जनपद पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल साइबर अपराध से बचाव एवं कार्रवाई के तहत पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने जिले के सभी 27 थानों में साइबर सेल का गठन किया है।
बृहस्पतिवार को साइबर सेल का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोडिया, पुलिस उप महानिरीक्षक परिक्षेत्र वैभव कृष्ण और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की उपस्थिति में किया गया। इसके साथ ही साइबर थाने और साइबर सेल को अपग्रेड किया गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ.ईरज राजा ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में साइबर अपराध से संबंधित कुल 5,012 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, वर्क फ्रॉम होम ठगी, शेयर मार्केट ट्रेडिंग, सोशल मीडिया अपराध समेत अन्य साइबर अपराध शामिल है।
एसपी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक नगर (नोडल अधिकारी साइबर) डॉ. राकेश मिश्रा की देखरेख में अब तक 3,222 शिकायतों का निस्तारण कराया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2025 में साइबर थाना एवं अन्य थानों पर कुल 211 साइबर अपराध से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें संलिप्त आरोपियों को जेल भेजा गया।
एसपी ने बताया कि ऑनलाइन व ऑफलाइन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जनपदीय साइबर सेल, साइबर थाना एवं अन्य थानों की साइबर सेल ने वर्ष 2025 में 3 करोड़ 33 लाख 94 हजार 186 रुपये संदिग्ध खातों में होल्ड/लीन कराए। वहीं 1 करोड़ 25 लाख 14 हजार 315 रुपये पीड़ितों के पक्ष में अवमुक्त कराए गए।
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1,523 मोबाइल नंबर किए गए ब्लॉक
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराध में संलिप्त संदिग्ध मोबाइल और मोबाइल नंबरों की जांच कर वर्ष 2025 में कुल 1,523 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया गया, ताकि साइबर अपराध की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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जागरूकता से ही साइबर अपराध पर लगेगी रोक
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी क्रम में जनपद पुलिस की ओर से सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, महाविद्यालयों में लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, बैनर और हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया।
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बृहस्पतिवार को साइबर सेल का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोडिया, पुलिस उप महानिरीक्षक परिक्षेत्र वैभव कृष्ण और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की उपस्थिति में किया गया। इसके साथ ही साइबर थाने और साइबर सेल को अपग्रेड किया गया।
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पुलिस अधीक्षक डॉ.ईरज राजा ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद में साइबर अपराध से संबंधित कुल 5,012 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, वर्क फ्रॉम होम ठगी, शेयर मार्केट ट्रेडिंग, सोशल मीडिया अपराध समेत अन्य साइबर अपराध शामिल है।
एसपी ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक नगर (नोडल अधिकारी साइबर) डॉ. राकेश मिश्रा की देखरेख में अब तक 3,222 शिकायतों का निस्तारण कराया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2025 में साइबर थाना एवं अन्य थानों पर कुल 211 साइबर अपराध से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें संलिप्त आरोपियों को जेल भेजा गया।
एसपी ने बताया कि ऑनलाइन व ऑफलाइन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जनपदीय साइबर सेल, साइबर थाना एवं अन्य थानों की साइबर सेल ने वर्ष 2025 में 3 करोड़ 33 लाख 94 हजार 186 रुपये संदिग्ध खातों में होल्ड/लीन कराए। वहीं 1 करोड़ 25 लाख 14 हजार 315 रुपये पीड़ितों के पक्ष में अवमुक्त कराए गए।
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1,523 मोबाइल नंबर किए गए ब्लॉक
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर अपराध में संलिप्त संदिग्ध मोबाइल और मोबाइल नंबरों की जांच कर वर्ष 2025 में कुल 1,523 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया गया, ताकि साइबर अपराध की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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जागरूकता से ही साइबर अपराध पर लगेगी रोक
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसी क्रम में जनपद पुलिस की ओर से सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों, महाविद्यालयों में लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, बैनर और हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया।
