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Ghazipur News: पीएम आवास योजना की सूची में अपात्रों का नाम शामिल होने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
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कासिमाबाद ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन करते सोनबरसा गांव की महिलाओं के साथ वार्ता करते अधिकारीगण।
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गंगौली। कासिमाबाद विकासखंड क्षेत्र के सोनबरसा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने अपात्र लोगों को सूची में शामिल करने और वास्तविक पात्रों को वंचित किए जाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
समाजसेवी ओम यादव और महफूज अंसारी के संयुक्त नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत से आवास आवंटन में अनियमितता की गई है। उनका कहना था कि पात्रता तय करने के नाम पर अवैध वसूली भी की गई है, जबकि कई गरीब और जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सोनबरसा गांव में नई टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए और केवल वास्तविक पात्रों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। प्रदर्शन में देवबंदी, सावित्री, नीतू, मुन्नी, बिंदु, रंभा, प्रेम, चंदा, रेखा समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
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उधर, खंड विकास अधिकारी निधि ने कहा कि आवास चयन की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार दो स्तरों पर पूरी की गई है। इसमें जिला स्तर पर सत्यापन के साथ स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि द्वितीय और तृतीय स्तर की जांच के बाद सूची तैयार की गई है, जिसे अब ग्रामवासियों से प्रमाणित कराया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से सबसे जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का चयन सुनिश्चित किया जाएगा। नए नाम सूची में जोड़े जाने का प्रावधान नहीं है। वर्तमान में ग्राम स्तर पर पात्रता का अंतिम सत्यापन कराया जा रहा है। बीडीओ के अनुसार जांच टीम की ओर से तैयार सूची के आधार पर पूरी प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
समाजसेवी ओम यादव और महफूज अंसारी के संयुक्त नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव की मिलीभगत से आवास आवंटन में अनियमितता की गई है। उनका कहना था कि पात्रता तय करने के नाम पर अवैध वसूली भी की गई है, जबकि कई गरीब और जरूरतमंद परिवारों के नाम सूची से बाहर कर दिए गए हैं।
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प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सोनबरसा गांव में नई टीम गठित कर स्थलीय जांच कराई जाए और केवल वास्तविक पात्रों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए। प्रदर्शन में देवबंदी, सावित्री, नीतू, मुन्नी, बिंदु, रंभा, प्रेम, चंदा, रेखा समेत कई ग्रामीण शामिल रहे।
उधर, खंड विकास अधिकारी निधि ने कहा कि आवास चयन की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार दो स्तरों पर पूरी की गई है। इसमें जिला स्तर पर सत्यापन के साथ स्थानीय स्तर पर भी जांच कराई गई है। उन्होंने बताया कि द्वितीय और तृतीय स्तर की जांच के बाद सूची तैयार की गई है, जिसे अब ग्रामवासियों से प्रमाणित कराया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग से सबसे जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का चयन सुनिश्चित किया जाएगा। नए नाम सूची में जोड़े जाने का प्रावधान नहीं है। वर्तमान में ग्राम स्तर पर पात्रता का अंतिम सत्यापन कराया जा रहा है। बीडीओ के अनुसार जांच टीम की ओर से तैयार सूची के आधार पर पूरी प्रक्रिया संचालित की जा रही है।