आस्था: मगहर से काशी तक गूंजेगी कबीर वाणी, तीन दिवसीय 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' का आगाज
Varanasi News: 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' में देशभर के प्रतिष्ठित संत, विद्वान, लोक कलाकार और कबीर गायन परंपरा से जुड़े समूह सहभागी होंगे। यह उत्सव मगहर, गाजीपुर और वाराणसी में आयोजित होगा।
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संत कबीर अकादमी, मगहर 27 से 29 जून तक तीन दिवसीय 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' का आयोजन कर रही है। यह उत्सव मगहर, गाजीपुर और वाराणसी में आयोजित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य संत कबीर की वाणी, निर्गुण भक्ति और भारतीय लोक-सांस्कृतिक परंपरा की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाना है। यह आयोजन कबीर की विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
इस उत्सव में देशभर के प्रतिष्ठित संत, विद्वान, लोक कलाकार और कबीर गायन परंपरा से जुड़े समूह सहभागी होंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस आयोजन पर अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने बताया कि संत कबीर की वाणी आज भी समाज को समानता, मानवता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।
मंत्री ने कहा कि 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' जैसे आयोजन संत कबीर की शिक्षाओं और निर्गुण भक्ति परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत, संत परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक जागरूकता और भाईचारे की भावना को मजबूती मिलती है। कबीर जयंती समारोह के अंतर्गत 23 से 27 जून तक संत कबीर अकादमी, मगहर में 'कबीर चित्रकला कार्यशाला' भी आयोजित की जा रही है।
मगहर में उत्सव का शुभारंभ
उत्सव का शुभारंभ 27 जून को संत कबीर अकादमी, मगहर में एक भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। कार्यक्रम में पद्मश्री कालूराम बामनिया, बेबी सिसोदिया बंजारन बहनें, देवेन्द्र दास ताना-बाना समूह, ओम प्रकाश पटेल, दिनेश कुमार जांगड़े और प्रीति बामनिया जैसे कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। इस अवसर पर सुभाष यदुवंश (विधान परिषद सदस्य, बस्ती-संतकबीर नगर-सिद्धार्थनगर) मुख्य अतिथि होंगे। अंकुर राज तिवारी (विधायक, खलीलाबाद सदर), अनिल कुमार त्रिपाठी (विधायक, मेहदावल) और गणेश चंद्र चौहान (विधायक, धनघटा) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। यहां कबीर की लोकधारा, संत परंपरा और निर्गुण भक्ति का उत्सव मनाया जाएगा।
गाजीपुर और वाराणसी में आयोजन
दूसरे दिन 28 जून को कबीर मठ बेलसड़ी, गाजीपुर में निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव का आयोजन होगा। यहां पद्मश्री भेरूसिंह चौहान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार कबीर वाणी और निर्गुण भक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। वहीं 28 और 29 जून को वाराणसी में संत कबीर की प्राचीन प्राकट्य स्थली लहरतारा में एक राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। यह संगोष्ठी 'कबीर की विरासत : काशी से मगहर तक' विषय पर केंद्रित होगी। इसमें देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, साहित्यकार, इतिहासकार और शोधकर्ता कबीर के दर्शन, साहित्य और सामाजिक योगदान पर अपने विचार रखेंगे।
लहरतारा में समापन समारोह
29 जून को लहरतारा, वाराणसी में आयोजित विशेष समारोह इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। इस अवसर पर संत समाज के प्रमुख धर्माचार्यों और विद्वानों का आशीर्वचन प्राप्त होगा। शाम को एक निर्गुण सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपान्या की विशेष प्रस्तुति होगी। जय पाण्डेय, देवेन्द्र दास, बेबी सिसोदिया बंजारन बहनें, प्रीति बामनिया और दिनेश कुमार जांगड़े जैसे कलाकार भी कबीर की वाणी को स्वर देंगे। यह आयोजन दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति प्रदान करेगा।