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Hamirpur News: जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का खून खत्म

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:20 AM IST
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Negative blood group is over in the blood bank of the district hospital.
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फोटो29एचएएमपी 29- जिला अस्पताल की ब्लड बैंक। संवाद
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मरीजों की बढ़ी बेचैनी, तीमारदार हो रहे परेशान परिजनों का नहीं मिल रहा ग्रुप, डोनर तलाशने में छूट रहा पसीना


संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का खून खत्म हो गया है। ऐसे में जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा। सबसे अधिक परेशानी आपात स्थिति में आपरेशन कराने वालों के सामने खड़ी हो रही है। हालात यह है कि जो परिजन रक्तदान करना चाहते हैं, लेकिन उनका ग्रुप निगेटिव नहीं है। पॉजीटिव के बदले निगेटिव मिलने की बल्ड बैंक से उम्मीद नहीं है। ऐसे में डोनर ढूंढने के लिए भटकना पड़ता है।
जिला अस्पताल की ब्लड बैंक जनवरी माह में निगेटिव ग्रुप के मरीजों को खून देने में फेल साबित हो रही है। क्योंकि निगेटिव ग्रुप का स्टॉक खत्म हो गया। एक सप्ताह से निगेटिव ग्रुप के ब्लड की उपलब्धता नहीं है। पॉजीटिव ग्रुप के भी सिर्फ 11 यूनिट ही उपलब्धता है। इसमें ए पॉजिटिव ग्रुप के 03, बी पॉजिटिव 02, ओ पॉजिटिव का 01 और एबी पॉजीटिव के 05 यूनिट की उपलब्धता है। इसमें से किसी भी निगेटिव ग्रुप का खून न होने की वजह से परेशानी बढ़ी है। अगर कोई तीमारदार निगेटिव ग्रुप की डिमांड करता है तो उसे स्टॉक खाली होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है। इससे गंभीर मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया। खासकर दुर्घटना और प्रसूताओं के मामलों में निगेटिव ग्रुप के खून की तत्काल आवश्यकता पड़ती है। शहर के राजवीर सिंह, सुरेश चंद्र, प्रेमप्रकाश समेत अन्य लोगों का आरोप है कि ब्लड स्टॉक को लेकर जिम्मेदार अधिकारी गंभीर नहीं हैं। समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित कराएं जिससे ब्लड खत्म होने के पहले ही स्टॉक में आ जाए। निगेटिव ग्रुप के डोनरों की सूची अपडेट रखने की भी जरूरत है।
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दिसंबर माह में लगे दो शिविर
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रशासन की माने तो दिसंबर 2025 में दो रक्त दान शिविर आयोजित हुए। एक शिविर हिन्दुस्तान यूनीलीवर कंपनी में लगा था, जहां से 15 यूनिट ब्लड डोनेड हुआ। दूसरा शिविर एचडीएफसी बैंक की ओर से लगवाया गया, जहां पर महज छह यूनिट ही ब्लड दान के रूप में प्राप्त हुआ। जिम्मेदार बताते है कि ब्लड की समय सीमा होती है। अधिक समय तक रोक नहीं सकते।



दो दिन में हुए 17 छोटे बड़े ऑपरेशन
दो दिन में 17 ऑपरेशन हुए है वह तो अच्छा रहा कि इसमें से किसी को तत्काल निगेटिव ग्रुप की जरूरत नहीं पड़ी। अगर आपात हालातों में जरूरत पड़ती तो तीमारदारों को परेशान होना पड़ता। सीएमएस डॉ. केएस मिश्रा का कहना है कि जिला महिला अस्पताल में 28 जनवरी को सात बड़े और दो छोटे ऑपरेशन किए गए। 29 जनवरी को तीन बड़े और पांच छोटे ऑपरेशन हुए। इसमें किसी भी ऑपरेशन में ब्लड की जरूरत नहीं पड़ी।



24 घंटे करते है जरूरतमंदों की मदद
बुंदेलखंड रक्तदान समिति के अशोक गुरू का कहना है कि मेरी संस्था एक फोन कॉल पर जरूरतमंद को खून मुहैया कराने का प्रयास करते है। समिति में ऐसे सदस्य है जो फौरन रक्तदान करने को तैयार हो जाते है। 24 घंटे ऐसे लोगों की मदद को तैयार रहते है। मौजूदा समय में निगेटिव ग्रुप नहीं है यह बात सही है। ब्लड बैंक व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में कैंप लगवाकर जरूरतभर का ब्लड मुहैया कराए।



वर्जन

ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता तो रक्तदान के माध्यम से ही पूरी होती है। जनता अगर ब्लड डोनेड नहीं करेगी तो कहां से आएगा। समय समय पर कैंप कराए जाते है। आगे भी कैंप कराए जाएंगे, जिससे कमी दूर हो सके। आप लोग भी डोनेड करिए।
-डॉ. एसपी गुप्ता सीएमएस जिला अस्पताल हमीरपुर
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