फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   A 12-year-old boy named Kanhaiya was trampled to death by a bull after he had gone out to buy supplies.

Hathras News: सामान लेने निकले 12 साल के कन्हैया को सांड़ ने पटककर मार डाला

Wed, 26 Aug 2026 02:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Wed, 26 Aug 2026 02:08 AM IST
विज्ञापन
A 12-year-old boy named Kanhaiya was trampled to death by a bull after he had gone out to buy supplies.
कन्हैया का फाइल फोटो। - फोटो : File Photo
गांव में दुकान से सामान लेने निकले 12 वर्षीय कन्हैया को रास्ते में आवारा सांड़ ने हमला कर पटक-पटककर घायल कर दिया। गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। रक्षाबंधन से महज चार दिन पहले परिवार के इकलौते बेटे की मौत से घर में कोहराम मच गया। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
विज्ञापन

गांव अंडौली निवासी भरत सिंह का 12 वर्षीय बेटा कन्हैया सोमवार रात करीब आठ बजे घर से गांव की परचून की दुकान पर सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक आवारा सांड़ ने उस पर हमला कर दिया। सांड ने कन्हैया को कई बार पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने किसी तरह सांड़ को वहां से हटाया और बच्चे को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसायन लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने कन्हैया को मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

दो बहनों के बीच इकलौता भाई था कन्हैया : कन्हैया अपने परिवार में दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसके पिता गांव में मजदूरी करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई गई है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता भरत सिंह बेसुध हो गए। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रक्षाबंधन से पहले छिन गई भाई की खुशियां : रक्षाबंधन का पर्व नजदीक होने के कारण परिवार में त्योहार की तैयारियां होनी थीं, लेकिन भाई की मौत से दोनों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार कन्हैया की मौत से पूरे गांव में शोक छा गया और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम शव पैतृक गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।


सांड़ों के हमले में चार जानें गईं
13 जुलाई 2026 : मंस्या कला गांव में खेत पर गए बुजुर्ग लीलाधर पर सांड़ ने हमला किया। उनकी मौत हो गई।
अक्तूबर 2025 : अगसौली में 57 वर्षीय किसान राकेश यादव को सांड़ ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। उपचार के 12 दिन बाद उनकी मौत हो गई।
30 जुलाई 2020 : सहपऊ के बागपुर निवासी 55 वर्षीय इतवारी खां पर देर रात सांड़ ने हमला कर दिया। सींग पेट में घुसने से उनकी मौत हो गई।
गोशालाओं में जगह, फिर सड़क पर क्यों?
जिले में 29 गोशालाओं में कुल क्षमता 12 हजार है। फिलहाल प्रशासन यहां 9500 गोवंश संरक्षित होने का दावा कर रहा है। शहरी क्षेत्र में नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत स्तर पर देखरेख की जा रही है। हाथरस नगर पालिका में एक कैटल कैचर वैन, सात श्रमिक और दो चालक भी हैं। इसके बावजूद सड़कों पर निराश्रित गोवंश दिखाई दे रहे हैं। कन्हैया की मौत के बाद यह सवाल और गंभीर हो गया है कि खतरे वाले स्थानों से सांड़ों को पकड़ने के लिए शिकायत के बाद कार्रवाई की तय समय सीमा और उस पर सख्ती से अमल क्यों नहीं हो पा रहा?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article