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Jaunpur News: सीएचसी आदमपुर में 30 बेड इस्तेमाल नहीं होने से हो रहे कबाड़

Mon, 26 Oct 2026 01:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:38 AM IST
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30 beds at CHC Adampur are going to waste because they aren't being used
सीएचसी आदमपुर के एक कमरे में खड़े किए गए मरीजों के लिए आए बेड। संवाद
जौनपुर। करंजाकला ब्लॉक के आदमपुर में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए बनाया गया सीएचसी बदहाली का शिकार है। करीब 35 लाख रुपये की लागत से बने इस 30 बेड के अस्पताल में 17 साल में सिर्फ एक स्थायी डॉक्टरों की तैनाती हुई है। इसके अलावा दो डॉक्टरों की तैनात बांड के माध्यम से की गई है। वहीं, एक आयुर्वेद के अस्थायी डॉक्टर भी तैनात हैं। मरीजों के उपचार के लिए खरीदे गए 30 बेड इस्तेमाल के बजाय एक कमरे कबाड़ हो रहे हैं। डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए सिद्धीकपुर पीएचसी जाना पड़ता है। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम अस्पताल की हकीकत देखी। पता चला कि साल 2009 में शुरू हुए इस केंद्र का भवन रखरखाव के अभाव में जर्जर हो रहा है। दीवारों पर सीलन, उखड़ते प्लास्टर और दीमक से खोखले दरवाजे भवन की बदहाली बयां कर रहे हैं। अस्पताल परिसर में झाड़ियां उगी हैं। सफाई के अभाव में गंदगी फैली है। अस्पताल में बेड और उपकरण उपलब्ध होने के बावजूद उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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स्थायी डॉक्टर नहीं, संविदाकर्मियों के भरोसे चल रहा अस्पताल
अस्पताल में संविदा पर एक जनरल फिजिशियन, एक फॉर्मासिस्ट, एक डेंटल हाइजीनिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन और एक वार्ड बॉय की तैनाती है। नियमित डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों का उपचार नहीं हो रहा है। सफाईकर्मी और चौकीदार का पद भी बहुत दिन से खाली है। स्वास्थ्य विभाग इस केंद्र को सिद्धीकपुर स्थित करंजाकला पीएचसी से संबद्ध करके संचालित कर रहा है। चिकित्सा प्रभारी करंजाकला डॉ. संतोष जायसवाल ने बताया कि पांच डॉक्टरों की तैनाती की गई है। जबकि हकीकत यह है कि एक डॉक्टर ही कभी-कभार बैठते हैं।
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धूल फांक रहे हैं उपकरण
अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की सुविधा के लिए 30 बेड खरीदे गए थे। इसके अलावा अन्य जरूरी उपकरण धूल फांक रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस केंद्र को 30 बेड का अस्पताल बताता है। रखरखाव के अभाव में अस्पताल का भवन और उपलब्ध संसाधन लगातार खराब हो रहे हैं।
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आवासीय परिसर भी तैयार, अब तक नहीं हुआ हैंडओवर
डॉक्टरों और कर्मचारियों के रहने के लिए अस्पताल के बगल में ही आवासीय परिसर बनाया गया है। अब तक उसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। किसी डॉक्टर को आवास भी आवंटित नहीं हुआ है। देखरेख और नियमित उपयोग के अभाव में परिसर में झाड़ियां उग आई हैं। फार्मासिस्ट आशीष ने बताया कि शनिवार को ओपीडी में 26 मरीज आए थे। जबकि 10 लोगों के खून की जांच के लिए नमूने लिए गए।


अस्पताल में दो डॉक्टरों की तैनाती है। नए डॉक्टरों के आने पर अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. गंगाराम गौतम, सीएमओ
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