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Driving License: तीन मिनट भी ठीक से गाड़ी नहीं चला पा रहे 40 फीसदी लोग, 74 कैमरे की निगरानी में होता है टेस्ट
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:40 PM IST
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सार
जौनपुर में डीएल के लिए सेंसर युक्त ट्रैफिक ट्रैक पर टेस्ट के दौरान 40 फीसदी लोग तीन मिनट भी सही से गाड़ी नहीं चला पा रहे हैं। इसी वजह से फेल हो जा रहे हैं।
टेस्टिंग ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जौनपुर जनपद में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं है। लोगों को डीएल के लिए सेंसर युक्त ट्रैफिक ट्रैक पर टेस्ट देना पड़ रहा है। जहां रोजाना 180 लोगों का स्लॉट बुक होता है। लेकिन, इसमें से करीब 40 फीसदी लोग तीन मिनट भी सही से गाड़ी नहीं चला पाते हैं, जिसके चलते वह फेल होते हैं।
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मडियाहूं रोड पर ऊंचनी कला में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाया हैं। जहां 17 दिसंबर से एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों टेस्ट देना पड़ रहा है। ड्राइविंग ट्रैक पर 74 कैमरे की निगरानी में चार स्टेप में टेस्ट होती है। प्रशिक्षण केंद्र संस्थापक कृष्णमूर्ति सिंह के मुताबिक रोजाना 180 का स्लॉट मिलता है, जिसमें करीब 140-150 लोग आते हैं। लेकिन इनमें 40 फीसदी फेल हो जाते हैं।
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ऐसे होता है टेस्ट
- पहला टेस्ट पैरलर पार्किंग में गाड़ी ले जाना।
- दूसरा टेस्ट ग्रेडियेंट (ओबरब्रिज) पार करना।
- तीसरा टेस्ट 8 शेप में गाड़ी चलानी होती है।
- चौथा टेस्ट एस शेप में गाड़ी को बैक करके पास करना होता है।