चंदवक (जौनपुर)। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर डोभी क्षेत्र में उपजा विवाद अब और बढ़ गया है। मंगलवार को महिलाओं के उग्र प्रदर्शन के बाद बुधवार को विद्युत निगम की टीम सारेपुर गांव (नई बस्ती) पहुंची, तो हालात तनावपूर्ण हो गए। निगम ने किसी तरह 31 में से सिर्फ 4 उपभोक्ताओं के यहां मीटर दोबारा स्थापित कराया। दो घंटे की नोकझाेंक के बाद शेष 27 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए। मीटर लगवाने के दौरान महिलाएं फिर से उग्र हो गईं और विद्युत कर्मियों का घेराव किया। सरकारी वाहनों पर कूड़ा-कचरा फेंका और एक-दो महिलाओं ने पत्थरबाजी भी की। हालांकि पुलिस ने मौके पर मोर्चा संभाला और मामले को शांत कराया। सारेपुर में दोपहर को विद्युत निगम की टीम स्माई मीटर लगाने पहुंची। टीम में अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गुप्ता, अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार चौहान, एसडीओ संजीव कुमार भास्कर समेत दर्जनभर से अधिक कर्मचारियों के साथ जलालपुर विद्युत थाना की पुलिस टीम एवं स्थानीय थाने की पुलिस फोर्स भी मौजूद रही। गांव में पहुंचकर अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि मीटर उखाड़ना या उससे छेड़छाड़ करना कानूनन अपराध है। इससे आपूर्ति व बिलिंग व्यवस्था बाधित होती है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि गांव के जिन लोगों को भी बिल या खपत को लेकर आपत्ति है, उनकी शिकायतों का प्राथमिकता पर समाधान कराएंगे। समझाने के बाद गांव में मौजूद 31 उपभोक्ताओं में से 6 उपभोक्ता मीटर दोबारा लगवाने को राजी हुए। टीम ने तुरंत मीटर स्थापित शुरू किया। साथ ही कई उपभोक्ताओं की बिलिंग संबंधी समस्याओं जैसे अधिक रीडिंग, बकाया समायोजन आदि का आंशिक निस्तारण भी किया। हालांकि, बड़ी संख्या में लोग मीटर लगाने के खिलाफ अड़े रहे। विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए शेष 25 कनेक्शनधारियों की बिजली आपूर्ति काट दी, जिससे माहौल फिर गरमा गया। इसी बीच आक्रोशित महिलाओं का एक समूह उग्र हो गया। एसडीओ संजीव भास्कर का आरोप है कि जिन 6 घरों में दोबारा मीटर लगाए गए उनमें से भी दो घरों में लगाए गए मीटर महिलाओं ने उखाड़ कर फेंक दिए। उग्र महिलाएं इतने से ही नहीं मानी। विद्युत कर्मियों का घेराव किया गया और विभागीय वाहनों पर कूड़ा-कचरा फेंका। एक दो महिलाओं ने तो हाथ में पत्थर उठाकर पथराव का प्रयास भी कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। मौके पर तैनात महिला पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और अधिकारियों- कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि इस पूरी गतिविधि में कोई घायल नहीं हुआ। ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि विद्युत निगम की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिर्फ चुनिंदा इलाकों में ही लगाए जा रहे हैं। जबकि अन्य गांवों में पुरानी व्यवस्था जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए मीटर में खपत अधिक दिखाई दे रही है, जिससे रिचार्ज का बोझ बढ़ रहा है। कई महिलाओं ने कहा कि बिना स्पष्ट समाधान और पारदर्शिता के हम किसी भी हाल में प्रीपेड मीटर नहीं लगवाएंगे। घटना के बाद टीम को कार्यवाही स्थगित कर लौटना पड़ा, लेकिन गांव में आक्रोश अब भी बरकरार है।