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ED Raid: जौनपुर में ईडी की बड़ी कार्रवाई, रत्ना शुगर मिल पर जब्ती का बोर्ड लगाकर कब्जे में लिया
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 07 Apr 2026 10:37 AM IST
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सार
Jaunpur News: जौनपुर जिले में प्रवर्तन निदेशालय ने रत्ना शुगर मिल पर जब्ती का बोर्ड लगाकर कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 31 मार्च को जारी आदेश के अनुपालन में की गई है।
ईडी ने रत्ना शुगर मिल को कब्जे में लिया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जौनपुर जिले के शाहगंज की पहचान और पूर्वांचल की औद्योगिक विरासत रही रत्ना शुगर मिल एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है और वहां संपत्ति जब्ती का आधिकारिक बोर्ड लगा दिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 31 मार्च को जारी आदेश के अनुपालन में की गई है।
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ईडी की ओर से लगाए गए बोर्ड के अनुसार, अब यह पूरी संपत्ति भारत सरकार के स्वामित्व में है। इस परिसर में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, खरीद-फरोख्त या नामांतरण पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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रत्ना शुगर मिल का गौरवशाली इतिहास रहा है। वर्ष 1933 में स्थापित यह मिल कभी पूर्वांचल की लाइफलाइन मानी जाती थी। सड़क और रेल मार्ग से यहां जौनपुर, आजमगढ़, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर के हजारों किसान अपना गन्ना लेकर आते थे। 1986 में घाटे के कारण यह बंद हुई। 1989 में सरकार ने इसे दोबारा चलाया लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। अंततः 2009 में इसे एक निजी कंपनी को बेच दिया गया था।
भगोड़ा अपराधी घोषित होने पर एक्शन
सूत्रों के अनुसार, मिल की यह बेशकीमती जमीन बाद में एक पूर्व बसपा एमएलसी के नियंत्रण में चली गई थी। संबंधित व्यक्ति को अदालत की ओर से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने के बाद ईडी ने यह जब्ती की कार्रवाई की है।
पोंटी चड्ढा ने बेची थी मिल
तत्कालीन मजदूर नेता, सपा मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रभानंद यादव बताते हैं कि बसपा सरकार ने इसे स्क्रैप के भाव में बेच दिया। जबकि उस समय जीएम सर्किल रेट 50 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा ने इस मिल को सहारनपुर के कारोबारी और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल को बेच दिया था।
पोंटी चड्ढा ने बेची थी मिल
तत्कालीन मजदूर नेता, सपा मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रभानंद यादव बताते हैं कि बसपा सरकार ने इसे स्क्रैप के भाव में बेच दिया। जबकि उस समय जीएम सर्किल रेट 50 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा ने इस मिल को सहारनपुर के कारोबारी और पूर्व बसपा एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल को बेच दिया था।