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दूल्हा हत्याकांड: पीला गमछा ओढ़, टोपी पहन मुख्य आरोपी ने दो महीने नौ दिन बाद कोर्ट में किया समर्पण
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कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेजा जा रहा पीला गमछा ओढ़े और टोपी लगाए प्रदीप बिंद। संवाद
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जौनपुर। खेतासराय थाना क्षेत्र के दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद ने शुक्रवार को प्रभारी सीजेएम सौरभ कुमार श्रीवास्तव की अदालत में समर्पण कर दिया। आरोपी की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल नहीं किया गया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में 14 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया। वह टोपी और पीले रंग का गमछा ओढ़े कोर्ट पहुंचा था। हत्याकांड के आरोपी भोले राजभर ने एक जुलाई को समर्पण किया था, जबकि रवि यादव मुठभेड़ में मारा गया था।
सरायख्वाजा थानाक्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद का विवाह खेतासराय थानाक्षेत्र के बीबीपुर (जमदहां) गांव निवासी मोरख नाथ बिंद की बेटी सोनी बिंद के साथ तय था। एक मई को बरात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया। मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद निवासी चिकसावा थाना बरदह, रवि यादव निवासी सोंधी थाना खेतासराय और भोले राजभर निवासी जपटापुर थाना सरायख्वाजा का पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही थी। ऐसे में तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसटीएफ समेत 10 टीमें लगाई गईं।
पुलिस ने 25 मई को रवि यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। लेकिन भोले और प्रदीप को गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। इसी बीच भोले हाईकोर्ट की शरण में चला गया। जहां से गिरफ्तारी पर 60 दिन के लिए रोक लगने के बाद एक जुलाई की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे कोर्ट में समर्पण कर दिया था। प्रदीप बिंद भी हाईकोर्ट गया लेकिन, राहत नहीं मिल पाई। अचानक शुक्रवार की दोपहर साढ़े बारह बजे उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है। हालांकि अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर सकती है।
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दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद ने शुक्रवार को प्रभारी सीजेएम सौरभ कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से उसे 14 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया है।- कुंवर अनुपम सिंह, एसपी
संयोग या फिर कुछ और.... पूरे मामले में शुरू से ही पीड़ित परिवार के लोग दो मंत्रियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे है। संयोग था कि दोनों के समर्पण के एक दिन पहले दोनों मंत्रियों की मौजूदगी जिले में थी। हालांकि दोनों ही मंत्रियों का इस आरोप इससे इन्कार था। इसे लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं आखिर यह संयोग है या फिर कुछ और....।
आजाद के परिवार में मायूसी -घटना को लेकर मृत आजाद बिंद (25) के परिवार के लोगों ने आवाज बुलंद की। मृतका की बहन सौम्या बिंद की अगुवाई में परिवार के लोग कलेक्ट्रेट में 18 दिन तक लगातार धरना प्रदर्शन किए। इस प्रदर्शन में रोजाना विपक्ष के विभिन्न पार्टियों के लोग समर्थन देने पहुंच रहे थे। 19वें दिन सौम्या की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया। इसके बाद जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के उचित कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ था।
आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की होगी कार्रवाई, 22 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने तैयारी में है। प्रशासन जहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी में है वहीं, पुलिस की ओर से आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें एक आरोपी की मुठभेड़ में मौत हो गई। जबकि प्रदीप सहित छह आरोपी जेल जा चुके हैं। मुख्य आरोपियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है।
शरण देने के आरोप में 15 लोगों को भेजा गया था जेल
मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खूब दौड़ लगाई। यहां तक की 15 लोगों को शरणदाता के रूप में चिह्नित किया गया था। इन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था। एसपी ने बताया कि इस पूरे मामले में 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
ये है प्रदीप बिंद
आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र के चिकसावा गांव निवासी प्रदीप बिंद मृतक आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वह आजाद की होने वाली दुल्हन का रिश्तेदार भी है, जो दोनों के एक-दूसरे से रिश्ते का विरोध करता था। उसपर पहले से ही हत्या के एक सहित पांच मामले दर्ज हैं। वह जिला पंचायत सदस्य के चुनाव लड़ने की तैयारी में भी था और कुछ बड़े नेताओं के संपर्क में भी रहता था।
प्रदीप का वीडियो वायरल : घटना में कोई रोल नहीं, मैंने कभी आजाद को देखा ही नहीं
जेल जाते समय प्रदीप बिंद का मीडिया से बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि हमारी टीम वीडियो की पुष्टि की नहीं कर रही। वीडियो में आरोपी कह रहा है कि कि हत्याकांड में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सौम्या जो धमकी देने की बात कह रही है कि वह फोन कॉल या मैसेज दिखा दे तो पूरे मामले की जिम्मेदारी खुद पर ले लूंगा। मैंने तो कभी आजाद को देखा ही नहीं है। घटना को किसने अंजाम दिया के सवाल पर कहा कि यह पुलिस प्रशासन पता करें किसने घटना को अंजाम दिया है।
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सरायख्वाजा थानाक्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद का विवाह खेतासराय थानाक्षेत्र के बीबीपुर (जमदहां) गांव निवासी मोरख नाथ बिंद की बेटी सोनी बिंद के साथ तय था। एक मई को बरात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पुलिस ने सात लोगों को आरोपी बनाया। मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद निवासी चिकसावा थाना बरदह, रवि यादव निवासी सोंधी थाना खेतासराय और भोले राजभर निवासी जपटापुर थाना सरायख्वाजा का पुलिस सुराग नहीं लगा पा रही थी। ऐसे में तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया। गिरफ्तारी के लिए पुलिस और एसटीएफ समेत 10 टीमें लगाई गईं।
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पुलिस ने 25 मई को रवि यादव को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। लेकिन भोले और प्रदीप को गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी। इसी बीच भोले हाईकोर्ट की शरण में चला गया। जहां से गिरफ्तारी पर 60 दिन के लिए रोक लगने के बाद एक जुलाई की दोपहर करीब साढ़े बारह बजे कोर्ट में समर्पण कर दिया था। प्रदीप बिंद भी हाईकोर्ट गया लेकिन, राहत नहीं मिल पाई। अचानक शुक्रवार की दोपहर साढ़े बारह बजे उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से कोर्ट ने जेल भेज दिया है। हालांकि अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर सकती है।
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दूल्हा आजाद बिंद हत्याकांड में मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद ने शुक्रवार को प्रभारी सीजेएम सौरभ कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से उसे 14 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया है।- कुंवर अनुपम सिंह, एसपी
संयोग या फिर कुछ और.... पूरे मामले में शुरू से ही पीड़ित परिवार के लोग दो मंत्रियों पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहे है। संयोग था कि दोनों के समर्पण के एक दिन पहले दोनों मंत्रियों की मौजूदगी जिले में थी। हालांकि दोनों ही मंत्रियों का इस आरोप इससे इन्कार था। इसे लेकर लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं आखिर यह संयोग है या फिर कुछ और....।
आजाद के परिवार में मायूसी -घटना को लेकर मृत आजाद बिंद (25) के परिवार के लोगों ने आवाज बुलंद की। मृतका की बहन सौम्या बिंद की अगुवाई में परिवार के लोग कलेक्ट्रेट में 18 दिन तक लगातार धरना प्रदर्शन किए। इस प्रदर्शन में रोजाना विपक्ष के विभिन्न पार्टियों के लोग समर्थन देने पहुंच रहे थे। 19वें दिन सौम्या की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला चिकित्सालय भर्ती कराया गया। इसके बाद जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन और पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के उचित कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ था।
आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की होगी कार्रवाई, 22 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस और प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने तैयारी में है। प्रशासन जहां ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी में है वहीं, पुलिस की ओर से आरोपियों पर रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई की जा रही है। एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें एक आरोपी की मुठभेड़ में मौत हो गई। जबकि प्रदीप सहित छह आरोपी जेल जा चुके हैं। मुख्य आरोपियों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर की कार्रवाई करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है।
शरण देने के आरोप में 15 लोगों को भेजा गया था जेल
मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खूब दौड़ लगाई। यहां तक की 15 लोगों को शरणदाता के रूप में चिह्नित किया गया था। इन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा था। एसपी ने बताया कि इस पूरे मामले में 22 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
ये है प्रदीप बिंद
आजमगढ़ जनपद के बरदह थाना क्षेत्र के चिकसावा गांव निवासी प्रदीप बिंद मृतक आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। वह आजाद की होने वाली दुल्हन का रिश्तेदार भी है, जो दोनों के एक-दूसरे से रिश्ते का विरोध करता था। उसपर पहले से ही हत्या के एक सहित पांच मामले दर्ज हैं। वह जिला पंचायत सदस्य के चुनाव लड़ने की तैयारी में भी था और कुछ बड़े नेताओं के संपर्क में भी रहता था।
प्रदीप का वीडियो वायरल : घटना में कोई रोल नहीं, मैंने कभी आजाद को देखा ही नहीं
जेल जाते समय प्रदीप बिंद का मीडिया से बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि हमारी टीम वीडियो की पुष्टि की नहीं कर रही। वीडियो में आरोपी कह रहा है कि कि हत्याकांड में उसकी कोई भूमिका नहीं है। सौम्या जो धमकी देने की बात कह रही है कि वह फोन कॉल या मैसेज दिखा दे तो पूरे मामले की जिम्मेदारी खुद पर ले लूंगा। मैंने तो कभी आजाद को देखा ही नहीं है। घटना को किसने अंजाम दिया के सवाल पर कहा कि यह पुलिस प्रशासन पता करें किसने घटना को अंजाम दिया है।

कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जेल भेजा जा रहा पीला गमछा ओढ़े और टोपी लगाए प्रदीप बिंद। संवाद