उम्र कम, अपराध ज्यादा: जौनपुर जिला जेल के 40% बंदी 35 साल से कम उम्र के, हत्या और दुष्कर्म के मामले बढ़े
Jaunpur News: जेल की आधिकारिक क्षमता मात्र 320 बंदियों की है, लेकिन 1870 में बनी इस जेल में मौजूदा समय में 750 से अधिक विचाराधीन और सजायाफ्ता रह रहे हैं।
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जौनपुर जनपद में हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी हैं। आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि पुलिस आरोपियों की जहां गिरफ्तारी कर रही है वहीं कोर्ट से दोष सिद्ध होने पर इन्हें सजा भी मिल रही है। आंकड़ों पर नजर करें तो मौजूदा समय में जेल में बंद कुल बंदी-कैदियों में 15.14 फीसदी आरोपी हत्या तो 14.48 फीसदी आरोपी दुष्कर्म के आरोप में बंद हैं।
इसी तरह 12.35 फीसदी आरोपी हत्या के प्रयास तो 9.96 फीसदी डीपी एक्ट में जिला जेल में बंद हैं। यही नहीं, हत्या, दुष्कर्म, हत्या के प्रयास सहित अलग-अलग अपराधों में बंद कुल बंदियों में 40 फीसदी से अधिक आरोपियों की उम्र 35 वर्ष से कम है,जिनमें अधिकांश पुरुष हैं।
जेल की आधिकारिक क्षमता मात्र 320 बंदियों की है, लेकिन 1870 में बनी इस जेल में मौजूदा समय में 750 से अधिक विचाराधीन और सजायाफ्ता रह रहे हैं। इसमें 151 कैदी हैं, जिसमें 137 पुरुष और 14 महिला शामिल हैं। इसी तरह विचाराधीन बंदी 600 से अधिक हैं, जिनमें करीब साढ़े पांच सौ पुरुष हैं। इसी तरह विभिन्न जेलों से गंभीर आरोप में आए 11 बंदी-कैदी भी हैं।
एक नजर में आंकड़े
- हत्या : 114 आरोपी
- दुष्कर्म : 109 आरोपी
- हत्या का प्रयास : 93 आरोपी
- दहेज प्रतिषेध अधिनियम : 75 आरोपी
- अन्य अपराध : शेष बंदी
(जेल प्रशासन के अनुसार, विभिन्न जघन्य अपराधों में बंद कैदियों का ब्योरा)
'ऑपरेशन वज्रपात' से युवाओं के गैंग पर हो रही कार्रवाई
जेल प्रशासन के मुताबिक अलग-अलग मामलों में बंद आरोपियों में 40 फीसदी बंदियों की उम्र 35 वर्ष से कम है, जिससे यह पता चलता है कि जनपद में युवा कुछ ज्यादा ही अपराध के दलदल में पैर पसार रहे हैं। हालांकि इनपर पुलिस की पैनी नजर है। इस स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन वज्रपात' के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने अब तक जिले के 56 क्रिमिनल गैंग (गिरोह) को चिह्नित किया है, जिनमें करीब 500 सक्रिय सदस्य शामिल हैं। इन सभी की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही, जेल के भीतर बंद इन शातिर अपराधियों और माफियाओं से मुलाकात करने आने वाले बाहरी लोगों पर भी पुलिस और एलआईयू की पैनी नजर है।
अधिकारी बोले
सभी बंदी-कैदियों पर नजर रखी जा रही है। बंदियों-कैदियों में सबसे अधिक हत्या, दुष्कर्म के हैं। जेल में इस समय 40 फीसदी से अधिक बंदियों की उम्र 35 वर्ष से कम है। ऑपरेशन वज्रपात के तहत गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिलने आने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है कि वह कौन हैं। -पीके त्रिवेदी, जेल अधीक्षक