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Jaunpur News: आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स की अनदेखी पर फूटा गुस्सा
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जौनपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन, जनपद शाखा की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर्स कार्यालय में हुई। बैठक में आठवें वेतन आयोग के संकल्प पत्र में पेंशनर्स को शामिल नहीं किए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने इसे पेंशनर्स के हितों की अनदेखी बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनपद अध्यक्ष सीबी सिंह ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। उन्होंने बताया कि 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक हजार पेंशनर्स के सामूहिक हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव द्वारा 21 जून 2026 को प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन एक जनपद की हस्ताक्षर याचिका लखनऊ जीपीओ से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी जा रही है।
सभी 75 जिलों की याचिकाएं भेजने के बाद भी यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो दूसरे चरण का आंदोलन शुरू किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संकल्प पत्र में जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को शामिल न करना उनके पेंशन पुनरीक्षण और समय-समय पर मिलने वाली महंगाई राहत से वंचित करने की कोशिश है। इसे पेंशनर्स विरोधी कदम बताते हुए इसका पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया गया।
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बैठक में सरकार से मांग की गई कि जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स को भी पूर्ववर्ती वेतन आयोगों की तरह आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए। इसके अलावा पेंशन राशिकरण (कम्यूटेशन) की वसूली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने, पेंशन को आयकर से मुक्त करने तथा कोविड काल में रोकी गई महंगाई राहत (डीआर) की बकाया राशि का भुगतान करने की भी मांग उठाई गई।
बैठक को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक राकेश श्रीवास्तव, रामकेश यादव, राजपति विश्वकर्मा, कंचन सिंह, कृष्ण त्रिपाठी, राजेश, राम प्रताप यादव, गोरखनाथ माली, नंदलाल, सूबेदार आदि ने भी संबोधित किया। संचालन जिला मंत्री कृपाशंकर ने किया। संवाद
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जनपद अध्यक्ष सीबी सिंह ने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है। उन्होंने बताया कि 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक हजार पेंशनर्स के सामूहिक हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष अमरनाथ यादव द्वारा 21 जून 2026 को प्रधानमंत्री को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन एक जनपद की हस्ताक्षर याचिका लखनऊ जीपीओ से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजी जा रही है।
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सभी 75 जिलों की याचिकाएं भेजने के बाद भी यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो दूसरे चरण का आंदोलन शुरू किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संकल्प पत्र में जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स के टर्म्स ऑफ रेफरेंस को शामिल न करना उनके पेंशन पुनरीक्षण और समय-समय पर मिलने वाली महंगाई राहत से वंचित करने की कोशिश है। इसे पेंशनर्स विरोधी कदम बताते हुए इसका पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया गया।
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बैठक में सरकार से मांग की गई कि जनवरी 2026 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनर्स को भी पूर्ववर्ती वेतन आयोगों की तरह आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए। इसके अलावा पेंशन राशिकरण (कम्यूटेशन) की वसूली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष करने, पेंशन को आयकर से मुक्त करने तथा कोविड काल में रोकी गई महंगाई राहत (डीआर) की बकाया राशि का भुगतान करने की भी मांग उठाई गई।
बैठक को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संरक्षक राकेश श्रीवास्तव, रामकेश यादव, राजपति विश्वकर्मा, कंचन सिंह, कृष्ण त्रिपाठी, राजेश, राम प्रताप यादव, गोरखनाथ माली, नंदलाल, सूबेदार आदि ने भी संबोधित किया। संचालन जिला मंत्री कृपाशंकर ने किया। संवाद