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Jaunpur News: दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों 87 मेधावियों को मिलेंगे स्वर्ण पदक
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मल्हनी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय सभागार में बृहस्पतिवार को विद्या परिषद एवं परीक्षा समिति की बैठक में दीक्षांत समारोह की तैयारी पर चर्चा हुई।
विवि के मीडिया सेल से जारी विज्ञप्ति के अनुसार 27 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों 87 मेधावियों को गोल्ड मेडल मिलेगा। दीक्षांत समारोह में 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और एक को डीएससी की उपाधि दी जाएगी। विद्या परिषद ने शोध उपाधियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वर्ण पदक, शोध उपाधि और डीएससी की उपाधि देने पर सहमति बनी।
बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, परीक्षा और शोध संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि शोधार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पीएचडी की मौखिक परीक्षा की अंतिम तिथि 28 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई थी, ताकि शेष अभ्यर्थियों को अपनी शोध प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल सके। 30 जून तक संपन्न वाइवा के आधार पर तैयार अंतिम सूची को विद्या परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसे परिषद ने अनुमोदित कर दिया।
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परिषद की स्वीकृति के बाद इन प्रस्तावों को नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विद्या परिषद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च शैक्षणिक निकाय है, जो पाठ्यक्रम, परीक्षा, शोध, उपाधि एवं अन्य अकादमिक विषयों से संबंधित प्रस्तावों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेने का कार्य करता है। बैठक में विद्या परिषद के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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विवि के मीडिया सेल से जारी विज्ञप्ति के अनुसार 27 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के हाथों 87 मेधावियों को गोल्ड मेडल मिलेगा। दीक्षांत समारोह में 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि और एक को डीएससी की उपाधि दी जाएगी। विद्या परिषद ने शोध उपाधियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई।
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कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वर्ण पदक, शोध उपाधि और डीएससी की उपाधि देने पर सहमति बनी।
बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, परीक्षा और शोध संबंधी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि शोधार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पीएचडी की मौखिक परीक्षा की अंतिम तिथि 28 जून से बढ़ाकर 30 जून कर दी गई थी, ताकि शेष अभ्यर्थियों को अपनी शोध प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल सके। 30 जून तक संपन्न वाइवा के आधार पर तैयार अंतिम सूची को विद्या परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसे परिषद ने अनुमोदित कर दिया।
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परिषद की स्वीकृति के बाद इन प्रस्तावों को नियमानुसार आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, विद्या परिषद विश्वविद्यालय का सर्वोच्च शैक्षणिक निकाय है, जो पाठ्यक्रम, परीक्षा, शोध, उपाधि एवं अन्य अकादमिक विषयों से संबंधित प्रस्तावों पर विचार कर अंतिम निर्णय लेने का कार्य करता है। बैठक में विद्या परिषद के सभी सदस्य मौजूद रहे।