{"_id":"6973d2f552adcf57f80fff5f","slug":"rising-temperatures-will-impact-wheat-production-jaunpur-news-c-193-1-jon1002-148445-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: बढ़ते तापमान से गेहूं के पैदावार पर पड़ेगा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: बढ़ते तापमान से गेहूं के पैदावार पर पड़ेगा असर
विज्ञापन
गेहूं की फसल
विज्ञापन
खेतों में नमी बनाए रखने के लिए किसान करें हल्की सिंचाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। मौसम में आए दिन बदलाव से लोगों को प्रचंड ठंड से राहत तो मिल गई है, लेकिन अधिकतम तापमान और पछुआ हवा का प्रभाव रबी की प्रमुख फसल गेहूं पर पड़ सकता है। पैदावार पर असर पड़ने से किसान चिंतित हैं। गेहूं की अच्छी वृद्धि के लिए 18 डिग्री सेल्सियस तापमान, हल्की ठंड और सुबह का कोहरा आवश्यक होता है, इसकी कमी देखी जा रही है।
उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ रमेश चंद्र यादव ने बताया कि आमतौर पर जनवरी में गेहूं की फसल के लिए 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तापमान को सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन बीते एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री के आसपास है। तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री अधिक है। इससे गेहूं के पौधे की वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। बताया कि इस समय गेहूं की फसल
टिलरिंग और बढ़ने की अवस्था में होती है। यदि तापमान अधिक रहता है। तो पौधे की प्राकृतिक वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसका सीधा असर गेहूं की बालियों और दानों पर पड़ता है। बदलापुर के किसान राजन सिंह ने बताया कि दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में ही ठंड पड़ी। अचानक तापमान बढ़ने और पछुआ हवा के कारण नमी कम हो रही है। घनश्यामपुर किसान भोला यादव ने बताया कि चटख धूप के कारण खेतों में नमी बनाने के लिए हल्की सिंचाई की जा रही है। ताकि तापमान का असर कम किया जा सके।
...................
इनसेट
समय से पहले निकल सकती है बाली
उप परियोजना निदेशक डॉ. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि जिले में 200361 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती हुई है। यदि तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला गया तो गेहूं में समय से पहले बालियां निकलनी शुरू हो सकती हैं। यह स्थिति फसल के लिए नुकसानदायक है। खेतों में नमी के लिए किसान हल्की सिंचाई कर घुलनशील एनपीके उर्वरक 0 : 52: 34 एक किग्रा 150 से 200 लीटर पानी में घोलकर सुबह या शाम फसल पर पर्णीय छिड़काव करें तो गेहूं की पैदावार में गुणवत्ता युक्त वृद्धि होगी।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। मौसम में आए दिन बदलाव से लोगों को प्रचंड ठंड से राहत तो मिल गई है, लेकिन अधिकतम तापमान और पछुआ हवा का प्रभाव रबी की प्रमुख फसल गेहूं पर पड़ सकता है। पैदावार पर असर पड़ने से किसान चिंतित हैं। गेहूं की अच्छी वृद्धि के लिए 18 डिग्री सेल्सियस तापमान, हल्की ठंड और सुबह का कोहरा आवश्यक होता है, इसकी कमी देखी जा रही है।
उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ रमेश चंद्र यादव ने बताया कि आमतौर पर जनवरी में गेहूं की फसल के लिए 15 से 18 डिग्री सेल्सियस तापमान को सबसे अनुकूल माना जाता है, लेकिन बीते एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 24 से 25 डिग्री के आसपास है। तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री अधिक है। इससे गेहूं के पौधे की वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। बताया कि इस समय गेहूं की फसल
विज्ञापन
विज्ञापन
टिलरिंग और बढ़ने की अवस्था में होती है। यदि तापमान अधिक रहता है। तो पौधे की प्राकृतिक वृद्धि की प्रक्रिया प्रभावित होती है। इसका सीधा असर गेहूं की बालियों और दानों पर पड़ता है। बदलापुर के किसान राजन सिंह ने बताया कि दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में ही ठंड पड़ी। अचानक तापमान बढ़ने और पछुआ हवा के कारण नमी कम हो रही है। घनश्यामपुर किसान भोला यादव ने बताया कि चटख धूप के कारण खेतों में नमी बनाने के लिए हल्की सिंचाई की जा रही है। ताकि तापमान का असर कम किया जा सके।
...................
इनसेट
समय से पहले निकल सकती है बाली
उप परियोजना निदेशक डॉ. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि जिले में 200361 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती हुई है। यदि तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चला गया तो गेहूं में समय से पहले बालियां निकलनी शुरू हो सकती हैं। यह स्थिति फसल के लिए नुकसानदायक है। खेतों में नमी के लिए किसान हल्की सिंचाई कर घुलनशील एनपीके उर्वरक 0 : 52: 34 एक किग्रा 150 से 200 लीटर पानी में घोलकर सुबह या शाम फसल पर पर्णीय छिड़काव करें तो गेहूं की पैदावार में गुणवत्ता युक्त वृद्धि होगी।
