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Jaunpur News: सिविल जज ने महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के अधिकारों की दी जानकारी
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव व सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राहुल ने शनिवार को महिला कल्याण विभाग से संचालित वन स्टॉप सेंटर और वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए।
वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रबंधक दीपिका सिंह मौजूद रहीं। राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई में छह माह 12 दिन की एक बच्ची आवासित मिली, जिसकी देखरेख एवं खानपान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में केंद्र की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई और सभी अभिलेख अद्यतन मिले। इस दौरान सचिव डीएलएसए ने कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानून, मातृत्व लाभ अधिनियम सहित महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए जनपद में जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके बाद सचिव समाज कल्याण विभाग से संचालित वृद्धाश्रम पहुंचे। वहां 52 वृद्धजन आवासित पाए गए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से संबंधित प्रावधानों, वृद्धावस्था पेंशन तथा चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है।
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वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान केंद्र प्रबंधक दीपिका सिंह मौजूद रहीं। राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई में छह माह 12 दिन की एक बच्ची आवासित मिली, जिसकी देखरेख एवं खानपान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में केंद्र की साफ-सफाई संतोषजनक पाई गई और सभी अभिलेख अद्यतन मिले। इस दौरान सचिव डीएलएसए ने कर्मचारियों को घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानून, मातृत्व लाभ अधिनियम सहित महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए जनपद में जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। इसके बाद सचिव समाज कल्याण विभाग से संचालित वृद्धाश्रम पहुंचे। वहां 52 वृद्धजन आवासित पाए गए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से संबंधित प्रावधानों, वृद्धावस्था पेंशन तथा चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है।
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