खेतासराय (जौनपुर)। थानाक्षेत्र के मनेछा बादशाही बाजार मंदिर के पास एक दिन पहले हुई दूल्हे आजाद बिंद (25) की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार दुल्हन का दूर के रिश्ते का भाई प्रदीप बिंद है, जो इस प्रेम विवाह के सख्त खिलाफ था। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के अनुसार, सरायख्वाजा निवासी आजाद का बीबीपुर जमदहां की सोनी के साथ करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आजमगढ़ निवासी आरोपी प्रदीप बिंद इस रिश्ते से नफरत करता था और उसने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी। दूल्हे की मां को अनहोनी की आशंका थी और पुलिस को सूचना भी दी गई थी लेकिन सुरक्षा पहुंचने से पहले ही रास्ते में बदमाशों ने आजाद की हत्या कर दी। इस घर में दो सौ बरातियों के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, वहां दूल्हे की मौत की खबर पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। 6 हीने पहले ही प्रदीप बिंद अपने दोस्त व सोंधी थाना खेतासराय निवासी रवी यादव के साथ मिलकर आजाद बिंद को मारने के लिए गुरैनी बाजार तक आए थे लेकिन संयोग से पुलिस आ गई और वे लोग वापस चले गए थे। लेकिन, मोबाइल से आजाद को फोन पर काॅल कर प्रदीप ने धमकी दी थी कि तुम शादी करने आना तो बचकर आना। वह शादी नहीं होने देना चाहता था। बताया जाता है कि आजाद ने शादी के लिए तीन गाड़ियां सजवाई थी। लेकिन, वह आजमगढ़ से रेनॉल्ट ट्राइबर कार मंगवाकर शादी के लिए निकला। आजाद आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। जबकि पीछे वाली सीट पर उसका छोटा भाई आकाश व टोनी बैठे थे। बरात मनेछा बादशाही मंदिर के पास पहुंची कि दो पहिया वाहन से पहुंचे प्रदीप बिंद और रवि यादव दूल्हे की कार के बाईं तरफ से आए और आजाद को बगल से गोली मार दी। इसके बाद अपनी दो पहिया गाड़ी आगे बढ़ाते हुए सामने से भी गोली मारकर भाग निकले, जिन्हें कार में बैठे टोनी व आकाश ने पहचान लिया। पिता का आरोप है कि इस घटना में सरायख्वाजा थानाक्षेत्र के जपटापुर निवासी भोले राजभर भी शामिल है। परिजनों के अनुसार, आजाद बिंद और सोनी की मुलाकात करीब दो वर्ष पहले पक्खनपुर गांव में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। यहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे प्रेम संबंध गहराता गया। दुल्हन सोनी के पिता मोराख नाथ बिंद ने बताया कि शादी छह महीने पहले तय हुई थी। परिवार में उत्साह का माहौल था। वह सूरत में रहकर सिलाई का काम करते हैं और कुछ दिन पहले वह शादी करने घर आए थे। सोनी दो भाइयों की एकलौती बहन है, जिसके कारण शादी बड़े धूमधाम से होनी थी और बाइक और पर्याप्त दहेज देने की तैयारी थी।रिश्तेदार प्रदीप भी शादी में सगुन देने के लिए परिवार के साथ पहुंचा था लेकिन कुछ ही देर रुकने के बाद वह शाम करीब छह बजे दूसरी शादी में जाने का हवाला देकर वहां से निकल गया। उसके इस व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं, दूल्हे की गाड़ी के चालक को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके बयान के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। बरातियों की कुछ गाड़ियां पहले ही सुरक्षा के लिहाज से पहुंच चुकी थीं, जिससे किसी को भी इस तरह की घटना की आशंका नहीं थी। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों को बरात की गतिविधियों और समय-समय की सटीक जानकारी मिल रही थी। आशंका जताई जा रही है कि हमलावर पहले द्वारचार या जयमाल के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना में थे लेकिन मौके की परिस्थितियों को देखते हुए रास्ते में ही हमला कर दिया।