जौनपुर। कामर्शियल गैस की किल्लत से होटल व रेस्टोरेंट के बड़े व्यवसायी परेशान हैं। उन्हें कोयले की भट्ठी व लकड़ी के सहारे व्यवसाय चलाना पड़ रहा है, जिसके चलते समय से ऑर्डर की सप्लाई नहीं कर पा रहे है। अब तो कारीगर भी काम करने से कतरा रहे हैं। बदलापुर कस्बे के व्यवसायी मनोज जायसवाल ने बताया कि जो रजिस्टर्ड व्यवसायी हैं, सरकार को जीएसटी भी देते है लेकिन गैस की किल्लत से उन्हें भी परेशान होना पड़ रहा है। कोयला व लकड़ी की भट्ठी से समय से काम नहीं हो पा रहा है तो लागत अधिक आ रही है। कारीगर काम भी नहीं करना चाह रहा है। चंदवक बाजार के मिठाई व्यवसायी सारनाथ यादव बताते हैं कि गैस सिलिंडर की उपलब्धता कम होने और दाम बढ़ने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। पहले जहां गैस चूल्हों पर तेजी से काम हो जाता था, वहीं अब लकड़ी की भट्टियों पर काम करना पड़ रहा है, जो काफी समय लेने वाला और मेहनत भरा है। उन्होंने बताया कि भट्टी से निकलने वाले धुएं और अत्यधिक गर्मी के बीच काम करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके बावजूद ग्राहकों को समय पर ऑर्डर पूरा करने के लिए दुकानदारों को दोगुनी मेहनत करनी पड़ रही है। मछलीशहर नगर के मिठाई व्यवसायी करन चौरसिया ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से लगन के सीजन में परेशान होना पड़ रहा है। कारीगर भी काम करने से कतरा रहे हैं। वही तहसील में रेस्टोरेंट संचालक राजमणि यादव ने बताया कि सिलिंडर न मिलने से नाश्ता बनाने में परेशानी हो रही है। लकड़ी और कोयले से की भट्टी पर नाश्ता बनाना पड़ रहा है, जिससे परेशानी हो रही है। कामर्शियल सिलिंडर के दाम 993 रुपये बढ़ने से होटल कारोबारियों, ढाबा व रेस्टोंरेंट संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं अब खाने की थाली भी महंगी हो जाएगी। इसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। होटल कारोबारियों व रेस्टोरेंट संचालकों के अनुसार, कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से नाश्ते व भोजन की थाली के दाम में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की आशंका है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह इंदु ने कहा कि कामर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़ने से होटल, रेस्तरां, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े छोटे व्यापारियों की लागत काफी बढ़ जाएगी। लागत बढ़ने के कारण अब खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी होगी, जिसका सीधा असर आम जनता की थाली पर पड़ेगा। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के ज़िला महामंत्री आरिफ हबीब ने व्यापार एवं आम जनता को राहत देने के क्रम में सरकार से मांग करते हुए कहा कि कामर्शियल गैस सिलिंडर की बढ़ी हुई कीमतों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। छोटे व्यापारियों के लिए गैस सिलिंडर पर विशेष सब्सिडी की व्यवस्था की जाए। जिलापूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम शाही ने बताया कि वैश्विक संकट के चलते कामर्शियल सिलिंडर की कीमतों में 993 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि की गई है। छोटू सिलिंडर के दाम भी 261 रुपये बढ़े हैं।