सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   When ignorance is removed, the soul feels like a part of God.

Jaunpur News: अज्ञानता दूर होने पर जीव महसूस करता है ईश्वर का अंश

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
When ignorance is removed, the soul feels like a part of God.
विज्ञापन
जौनपुर। जीव ईश्वर का ही अंश है, लेकिन अज्ञान के कारण जीव भ्रम में ठीक उसी प्रकार रहता है जैसे रेगिस्तान में मृग को कुछ दूरी पर जल का भ्रम होता है। श्री राम जानकी मंदिर पंगुल आश्रम में आत्मानंद महाराज के सानिध्य में आयाेजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक शुभम महराज ने कहा कि राहगीर को सड़क पर चलते समय कुछ दूरी पर जल प्रतीत होता है लेकिन वास्तव में जल होता नहीं है। तालाब में पानी की सतह पर काई जमे होने पर पानी का पता हमें नहीं चलता है। जैसे ही हम काई को हटाते हैं, जल का अस्तित्व दिखने लगता है। ऐसे ही अज्ञान के दूर होने पर जीव स्वयं को ईश्वर का ही अंश महसूस करने लगता है। श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करके उसका फल प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को निष्कपट धर्म का पालन करने वाला होना चाहिए। श्री मद् भागवत कथा सुनने की पात्रता श्रोता को होना चाहिए। मच्छर तो बाहर से डंसता है मत्सर ईर्ष्या जलन के रूप में हमारे जीवन को अंदर से डंसता रहता है। श्री मद् भागवत कथा के श्रवण और आत्मसात करने पर तीनों तापों का उन्मूलन हो जाता है। कथा में प्रदीप शुक्ला,उमेश और विनय मिश्रा वाद्य यंत्रों को बजा कर सहयोग कर रहे थे। कथा का समापन 14 फरवरी को होगा। उसी दिन श्री सतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन होगा।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed