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Kushinagar News: बूंदाबांदी ने दिलाई गर्मी से राहत, दो डिग्री लुढ़का पारा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 12 Jun 2026 02:31 AM IST
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गुरुवार को हुई बारिश से धान की बेहन को संजीवनी मिली और वही रोपाई के लिए खेती की नमी भी बढ़ने से
- फोटो : Samvad
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पडरौना। कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बृहस्पतिवार की सुबह लोगों को बड़ी राहत मिली। भोर में करीब चार बजे शुरू हुई बूंदाबांदी और ठंडी हवा के झोंकों से मौसम खुशगवार हो गया। तापमान में गिरावट आने से उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे तक मौसम इसी तरह सुहावना बना रह सकता है।
बृहस्पतिवार की सुबह मौसम ने करवट ली और लोगों को गर्मी से राहत दी। भोर करीब चार बजे से आसमान में बादल छाए और रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो सुबह नौ बजे तक रूक-रूक कर चलती रही। बीच-बीच में ठंडी हवाएं भी चलती रहीं, जिससे बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को अधिक तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस की गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।
कई दिनों से गर्म हवा के थपेड़ों से परेशान लोग बृहस्पतिवार की सुबह-सुबह घरों से बाहर निकले और ठंडे मौसम का लुत्फ उठाया। किसानों ने भी बारिश को धान की रोपाई के लिए फायदेमंद बताया। चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही और सभी की जुबान पर बस एक ही बात थी कि गर्मी से राहत मिल गई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण जिले में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री और न्यूनतम 26-27 डिग्री रहने का अनुमान है।
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बारिश से धान की बेहन को संजीवनी, किसानों के चेहरे खिले
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश से बड़ी राहत मिली है। धान की बेहन को संजीवनी मिल गई है। धान की रोपाई जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में धान की बेहन सूखने लगी थी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। बारिश से न केवल बेहन को पर्याप्त नमी मिली, बल्कि खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। इससे रोपाई की तैयारी तेज हो सकेगी।
क्षेत्र के किसान सुनील दत्त शाही,राकेश,जितेंद, विकास, अशोक कुमार और विशाल ने बताया कि समय पर हुई वर्षा धान की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी बीच-बीच में बारिश होती रही तो धान की रोपाई बेहतर ढंग से हो सकेगी और फसल उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा
बृहस्पतिवार की सुबह मौसम ने करवट ली और लोगों को गर्मी से राहत दी। भोर करीब चार बजे से आसमान में बादल छाए और रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो सुबह नौ बजे तक रूक-रूक कर चलती रही। बीच-बीच में ठंडी हवाएं भी चलती रहीं, जिससे बुधवार के मुकाबले बृहस्पतिवार को अधिक तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस की गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।
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कई दिनों से गर्म हवा के थपेड़ों से परेशान लोग बृहस्पतिवार की सुबह-सुबह घरों से बाहर निकले और ठंडे मौसम का लुत्फ उठाया। किसानों ने भी बारिश को धान की रोपाई के लिए फायदेमंद बताया। चाय की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही और सभी की जुबान पर बस एक ही बात थी कि गर्मी से राहत मिल गई। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के प्रभारी डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण जिले में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। अगले 24 घंटे तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री और न्यूनतम 26-27 डिग्री रहने का अनुमान है।
बारिश से धान की बेहन को संजीवनी, किसानों के चेहरे खिले
संवाद न्यूज एजेंसी
सुकरौली। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बृहस्पतिवार सुबह हुई बारिश से बड़ी राहत मिली है। धान की बेहन को संजीवनी मिल गई है। धान की रोपाई जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बारिश के अभाव में धान की बेहन सूखने लगी थी और सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था। बारिश से न केवल बेहन को पर्याप्त नमी मिली, बल्कि खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। इससे रोपाई की तैयारी तेज हो सकेगी।
क्षेत्र के किसान सुनील दत्त शाही,राकेश,जितेंद, विकास, अशोक कुमार और विशाल ने बताया कि समय पर हुई वर्षा धान की फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में भी बीच-बीच में बारिश होती रही तो धान की रोपाई बेहतर ढंग से हो सकेगी और फसल उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा