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UP: संत प्रेमानंद को बांकेबिहारी के रूप में दिखाया, वायरल तस्वीर पर छिड़ा विवाद; ब्राह्मण सभा ने की ये मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 02 Apr 2026 10:50 PM IST
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सार
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर को लेकर ब्राह्मण महासभा ने नाराजगी जताई। पदाधिकारियों ने कहा कि तस्वीर में संत प्रेमानंद को बांकेबिहारी के रूप में दिखाया गया है। इस पर कार्रवाई की जाए।
संत प्रेमानंद को बांकेबिहारी के रूप में दिखाने पर ब्राह्मण महासभा ने जताई नाराजगी।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज को ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी के रूप में चित्रित करने वाले एक विवादास्पद पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण सभा ने कड़ी आपत्ति जताई है। महासभा ने इसे ब्रज की परंपराओं और आराध्य के स्वरूप का अपमान बताया है। मांग की कि इस कृत्य में लिप्त लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
महासभा के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ और ब्रज प्रदेश महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज को साक्षात बिहारीजी के रूप में दिखाना अनुचित है। श्रीबांकेबिहारी ब्रज के आराध्य हैं और ब्रह्मांड में कोई भी संत उनकी बराबरी नहीं कर सकता।
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महासभा के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ और ब्रज प्रदेश महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज को साक्षात बिहारीजी के रूप में दिखाना अनुचित है। श्रीबांकेबिहारी ब्रज के आराध्य हैं और ब्रह्मांड में कोई भी संत उनकी बराबरी नहीं कर सकता।
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महासभा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे चित्र की कड़े शब्दों में निंदा की है। परशुराम शोभा यात्रा समिति के महामंत्री राम प्रकाश शर्मा और जिला उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि विवादित पोस्ट डालने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को खंगाला जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पहल की जाएगी।
महासभा के प्रेमानंद महाराज के पर्रिकर (प्रबंधन) से भी निवेदन किया है कि वे अपने अनुयायियों को उचित निर्देश दें। इस तरह के कृत्य संत की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। ब्राह्मण महासभा ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ईश-निंदा विरोधी कानून बनाया जाए।
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