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गोवर्धन आने वाले श्रद्धालु ध्यान दें: रात को कच्चे मार्ग पर नहीं लगेगी परिक्रमा, यातायात व्यवस्था में भी बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Tue, 09 Jun 2026 09:44 PM IST
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सार
प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि अधिक मास में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। वर्षा ऋतु और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण तलहटी क्षेत्र में सांपों एवं अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते हैं। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
गोवर्धन परिक्रमा देने उमड़ी भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अधिकमास के दौरान गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा के लिए लाखों की भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में प्रशासन ने अहम फैसला लेते हुए रात के समय तलहटी के कच्चे मार्गों पर परिक्रमा को पूरी तरह से रोक दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि रात को सिर्फ सड़क मार्ग पर ही परिक्रमा लगाई जाएगी।
श्री गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। तलहटी मार्ग (कच्चे मार्ग) पर सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के खतरे के कारण प्रतिदिन शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक परिक्रमा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि अधिक मास में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। वर्षा ऋतु और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण तलहटी क्षेत्र में सांपों एवं अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रात के समय तलहटी मार्ग में प्रवेश न करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित परिक्रमा मार्ग अन्यौर, पूंछरी का लौठा और जतीपुरा होते हुए परिक्रमा करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी से सहयोग की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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गोवर्धन में श्रद्धालुओं की सुविधा को विशेष यातायात व्यवस्था लागू
अधिक मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सुविधा और सुगम आवागमन के लिए गोवर्धन में विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार बदली हुई यातायात व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
श्री गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। तलहटी मार्ग (कच्चे मार्ग) पर सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के खतरे के कारण प्रतिदिन शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक परिक्रमा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि अधिक मास में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि होती है। वर्षा ऋतु और प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण तलहटी क्षेत्र में सांपों एवं अन्य जहरीले कीड़े बाहर आ जाते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
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प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे रात के समय तलहटी मार्ग में प्रवेश न करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही श्रद्धालुओं को निर्धारित परिक्रमा मार्ग अन्यौर, पूंछरी का लौठा और जतीपुरा होते हुए परिक्रमा करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी से सहयोग की अपेक्षा की जाती है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गोवर्धन में श्रद्धालुओं की सुविधा को विशेष यातायात व्यवस्था लागू
अधिक मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सुविधा और सुगम आवागमन के लिए गोवर्धन में विशेष यातायात प्रबंधन लागू किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार बदली हुई यातायात व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
पूरे गोवर्धन कस्बे में सभी प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। दानघाटी मार्ग पर वाहनों की रोक, मल्टीलेवल पार्किंग एवं एकता तिराहा से दानघाटी की ओर और डीग अड्डा से दानघाटी की ओर सभी व्यावसायिक वाहन, कार, टेंपो और लोडर का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यहां केवल स्थानीय निवासी आधार कार्ड के आधार पर प्रतिदिन एक बार आवागमन कर सकेंगे। हालांकि शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक यह छूट भी लागू नहीं होगी। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक सौंख अड्डा, दानघाटी एवं बड़ी परिक्रमा समाप्ति तिराहा से डीग अड्डा तक सभी प्रकार के दोपहिया, तीन पहिया वाहन, ई-रिक्शा और कारों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परिक्रमा मार्ग पर सभी प्रकार की बसें, टैंपो, ट्रैवल्स और कारें (स्थानीय निवासियों को छोड़कर) प्रतिबंधित रहेंगी। अत्यंत आवश्यक स्थिति में वाहन केवल परिक्रमा के प्रवाह की दिशा में एकतरफा ही संचालित किए जा सकेंगे।
आपातकालीन सेवाओं को छूट
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, सफाई एवं अन्य आकस्मिक सेवाओं में लगे वाहनों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है, ताकि अधिक मास के दौरान दर्शन और परिक्रमा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।
पूरे गोवर्धन कस्बे में सभी प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। दानघाटी मार्ग पर वाहनों की रोक, मल्टीलेवल पार्किंग एवं एकता तिराहा से दानघाटी की ओर और डीग अड्डा से दानघाटी की ओर सभी व्यावसायिक वाहन, कार, टेंपो और लोडर का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यहां केवल स्थानीय निवासी आधार कार्ड के आधार पर प्रतिदिन एक बार आवागमन कर सकेंगे। हालांकि शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक यह छूट भी लागू नहीं होगी। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक सौंख अड्डा, दानघाटी एवं बड़ी परिक्रमा समाप्ति तिराहा से डीग अड्डा तक सभी प्रकार के दोपहिया, तीन पहिया वाहन, ई-रिक्शा और कारों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। परिक्रमा मार्ग पर सभी प्रकार की बसें, टैंपो, ट्रैवल्स और कारें (स्थानीय निवासियों को छोड़कर) प्रतिबंधित रहेंगी। अत्यंत आवश्यक स्थिति में वाहन केवल परिक्रमा के प्रवाह की दिशा में एकतरफा ही संचालित किए जा सकेंगे।
आपातकालीन सेवाओं को छूट
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, सफाई एवं अन्य आकस्मिक सेवाओं में लगे वाहनों को इन प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यातायात व्यवस्था का पालन करने और सहयोग बनाए रखने की अपील की है, ताकि अधिक मास के दौरान दर्शन और परिक्रमा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सके।