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संत प्रेमानंद के भक्त ध्यान दें: वृंदावन में चल रहा ठगी का खेल, कहीं आप न हो जाएं शिकार; शिष्यों ने की अपील
Thu, 06 Aug 2026 08:20 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 06 Aug 2026 08:20 PM IST
सार
संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कराने, दर्शन का नंबर लगवाने, विशेष प्रवेश दिलाने, होटल उपलब्ध कराने और आश्रम तक पहुंचाने के नाम पर श्रद्धालुओं से हजारों रुपये ऐंठ रहे हैं। महाराज के शिष्यों को सार्वजनिक रूप से श्रद्धालुओं को सतर्क करना पड़ा है।
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संत प्रेमानंद महाराज।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
संत प्रेमानंद महाराज का नाम सुनते ही श्रद्धालुओं के मन मस्तिष्क में राधारानी की अनन्य भक्त के रूप में उभर आती है। हर कोई झलक पाने को आतुर रहता है। यही कारण है कि संत की पदयात्रा में लाखों लोगों शामिल होते हैं। लोग रात भर सड़क पर बिताकर उनके दर्शन करते हैं। अभी फिलहाल पदयात्रा स्थगित है। वह एकांत में यमुना किनारे नए बने आश्रम यमुना विहार कुंज में रह रहे हैं। संत के प्रति लोगों में बढ़ी आस्था का फायदा उठाकर मथुरा से लेकर वृंदावन तक सक्रिय ठग भोले-भाले श्रद्धालुओं को अपना निशाना बना रहे हैं। कोई होटल दिलाने और मुलाकात का नंबर लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठ रहा है तो कई ऑटो चालक आश्रम तक ले जाने के नाम पर मनमाफिक किराए वसूल रहे हैं।
सबसे अधिक शिकार वे श्रद्धालु बन रहे हैं, जो पहली बार वृंदावन पहुंचते हैं और यहां की व्यवस्था से अनजान होते हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद महाराज के शिष्यों ने भी श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। संत प्रेमानंद महाराज के प्रति बढ़ती आस्था अब ठगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। मथुरा से शुरू होता खेल वृंदावन से लेकर बेलवन तक जारी है। सक्रिय गिरोह श्रद्धालुओं के मथुरा-वृंदावन में प्रवेश करने के साथ-साथ नजर रखते हैं। महाराज से मुलाकात कराने, दर्शन का नंबर लगवाने, विशेष प्रवेश दिलाने, होटल उपलब्ध कराने और आश्रम तक पहुंचाने के नाम पर श्रद्धालुओं से हजारों रुपये ऐंठ रहे हैं। पिछले कुछ समय में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं को पहले विश्वास में लिया गया फिर उनसे पैसे लेकर आरोपी भाग गए। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों को भी सार्वजनिक रूप से श्रद्धालुओं को सतर्क करना पड़ा है। उन्होंने साफ किया है कि महाराज से मुलाकात, दर्शन, नंबर लगवाने, विशेष प्रवेश या दीक्षा के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो वह ठगी कर रहा है।
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सबसे अधिक शिकार वे श्रद्धालु बन रहे हैं, जो पहली बार वृंदावन पहुंचते हैं और यहां की व्यवस्था से अनजान होते हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद महाराज के शिष्यों ने भी श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। संत प्रेमानंद महाराज के प्रति बढ़ती आस्था अब ठगों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। मथुरा से शुरू होता खेल वृंदावन से लेकर बेलवन तक जारी है। सक्रिय गिरोह श्रद्धालुओं के मथुरा-वृंदावन में प्रवेश करने के साथ-साथ नजर रखते हैं। महाराज से मुलाकात कराने, दर्शन का नंबर लगवाने, विशेष प्रवेश दिलाने, होटल उपलब्ध कराने और आश्रम तक पहुंचाने के नाम पर श्रद्धालुओं से हजारों रुपये ऐंठ रहे हैं। पिछले कुछ समय में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें श्रद्धालुओं को पहले विश्वास में लिया गया फिर उनसे पैसे लेकर आरोपी भाग गए। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों को भी सार्वजनिक रूप से श्रद्धालुओं को सतर्क करना पड़ा है। उन्होंने साफ किया है कि महाराज से मुलाकात, दर्शन, नंबर लगवाने, विशेष प्रवेश या दीक्षा के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगता है तो वह ठगी कर रहा है।
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रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और छटीकरा बने ठगों के अड्डे
स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, छटीकरा चौराहा और प्रमुख मार्गों पर कुछ लोग दिनभर बाहरी श्रद्धालुओं की तलाश में रहते हैं। ये खुद को आश्रम का सेवक, स्थानीय गाइड या परिचित बताकर पहले विश्वास जीतते हैं। इसके बाद होटल, ऑटो, दर्शन, नंबर, विशेष प्रवेश और आश्रम तक पहुंचाने के नाम पर मनमाना पैसा वसूलते हैं। मथुरा में गोवर्धन चौराहे पर पुल के नीचे खड़े रहे ऐसे लोग श्रद्धालुओं पर नजर रखते हैं। वहां से ठगों को खेल शुरू हो जाता है। वहां खड़ा युवक श्रद्धालुओं से किसी बहाने से बात करता है और अपने छटीकरा के साथी को सूचना दे देता है। छटीकरा चौराहे पर रूम-रूम चिल्लाकर नजर रखने वाला युवक श्रद्धालुओं की पहचान होते ही उनसे बात करने लगता है और कहता है संत प्रेमानंद महाराज से मिलना हो तो बताओ। बस युवक का यह कहना ही काफी हो जाता है कि श्रद्धालुओं के जाल में फंसने को। अब बात संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम की करें तो यहां एक चाय की दुकान वाला चर्चित है जो महाराज के नंबर लगवाने का दावा करता है। अल सुबह वहां भीड़ भी लगी रहती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, छटीकरा चौराहा और प्रमुख मार्गों पर कुछ लोग दिनभर बाहरी श्रद्धालुओं की तलाश में रहते हैं। ये खुद को आश्रम का सेवक, स्थानीय गाइड या परिचित बताकर पहले विश्वास जीतते हैं। इसके बाद होटल, ऑटो, दर्शन, नंबर, विशेष प्रवेश और आश्रम तक पहुंचाने के नाम पर मनमाना पैसा वसूलते हैं। मथुरा में गोवर्धन चौराहे पर पुल के नीचे खड़े रहे ऐसे लोग श्रद्धालुओं पर नजर रखते हैं। वहां से ठगों को खेल शुरू हो जाता है। वहां खड़ा युवक श्रद्धालुओं से किसी बहाने से बात करता है और अपने छटीकरा के साथी को सूचना दे देता है। छटीकरा चौराहे पर रूम-रूम चिल्लाकर नजर रखने वाला युवक श्रद्धालुओं की पहचान होते ही उनसे बात करने लगता है और कहता है संत प्रेमानंद महाराज से मिलना हो तो बताओ। बस युवक का यह कहना ही काफी हो जाता है कि श्रद्धालुओं के जाल में फंसने को। अब बात संत प्रेमानंद महाराज के वृंदावन स्थित आश्रम की करें तो यहां एक चाय की दुकान वाला चर्चित है जो महाराज के नंबर लगवाने का दावा करता है। अल सुबह वहां भीड़ भी लगी रहती है।
पुलिस के पास पहुंची हैं शिकायतें
हाल के दिनों में इस तरह की कई शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं। हालांकि अधिकांश श्रद्धालु बाहरी राज्यों के होने के कारण शिकायत दर्ज कराए बिना लौट जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई नहीं हुई तो ठगों का नेटवर्क और मजबूत हो सकता है।
हाल के दिनों में इस तरह की कई शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं। हालांकि अधिकांश श्रद्धालु बाहरी राज्यों के होने के कारण शिकायत दर्ज कराए बिना लौट जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर लगातार कार्रवाई नहीं हुई तो ठगों का नेटवर्क और मजबूत हो सकता है।
शिष्यों ने जारी की एडवाइजरी
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। वर्तमान में दीक्षा प्रक्रिया बंद है और किसी भी प्रकार की मुलाकात या दर्शन के लिए किसी को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीराधे हित केलिकुंज ने श्रद्धालुओं को सचेत किया है। उन्होंने पहले भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश अपलोड किया है कि संत महाराज से मिलने के लिए केवल आश्रम में ही संपर्क करें। यहां निशुल्क दर्शन की प्रक्रिया है। किसी बातों में न आएं और न ही किसी को रुपये नहीं दें।
संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। वर्तमान में दीक्षा प्रक्रिया बंद है और किसी भी प्रकार की मुलाकात या दर्शन के लिए किसी को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम श्रीराधे हित केलिकुंज ने श्रद्धालुओं को सचेत किया है। उन्होंने पहले भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश अपलोड किया है कि संत महाराज से मिलने के लिए केवल आश्रम में ही संपर्क करें। यहां निशुल्क दर्शन की प्रक्रिया है। किसी बातों में न आएं और न ही किसी को रुपये नहीं दें।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
-किसी भी व्यक्ति को दर्शन या मुलाकात के नाम पर पैसे न दें।
-होटल और वाहन अधिकृत माध्यम से ही बुक करें।
-आश्रम की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
-ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस और आश्रम प्रबंधन को सूचित करें।
ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष नजर रख रही है। अब सड़क पर रूम-रूम चिल्लाकर श्रद्धालुओं को ठगने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने अभी हाल में दो दर्जन से अधिक लोगों के शांतिभंग में चालान भी किए है। श्रद्धालुओं को ऐसे लोगों से खुद भी सावधान रहना है। -श्लोक कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
-किसी भी व्यक्ति को दर्शन या मुलाकात के नाम पर पैसे न दें।
-होटल और वाहन अधिकृत माध्यम से ही बुक करें।
-आश्रम की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
-ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस और आश्रम प्रबंधन को सूचित करें।
ऐसे लोगों पर पुलिस विशेष नजर रख रही है। अब सड़क पर रूम-रूम चिल्लाकर श्रद्धालुओं को ठगने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने अभी हाल में दो दर्जन से अधिक लोगों के शांतिभंग में चालान भी किए है। श्रद्धालुओं को ऐसे लोगों से खुद भी सावधान रहना है। -श्लोक कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक