{"_id":"695636f0006161612a030e9e","slug":"devotees-soak-in-devotion-as-new-year-dawns-at-barsana-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: राधामय हुआ बरसाना...नए साल की पहली सुबह दिखा गजब का उत्साह, बारिश भी न रोक सकी भक्तों के कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: राधामय हुआ बरसाना...नए साल की पहली सुबह दिखा गजब का उत्साह, बारिश भी न रोक सकी भक्तों के कदम
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 01 Jan 2026 02:27 PM IST
विज्ञापन
सार
राधारानी के धाम बरसाना में नव वर्ष की पहली सुबह भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंजीरों की झंकार, ढोलक की थाप और राधा नाम की गूंज सुनाई देती रही। कड़कड़ाती सर्दी में हल्की बारिश ने भक्तों को भिंगो दिया, लेकिन उनके कदम नहीं रुके।
बरसाना में भक्तों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन
विस्तार
बरसाना में नववर्ष की पहली भोर आस्था का उत्सव बनकर आई। राधा रानी के भक्त सुबह से ही मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए, जहां मधुर भजनों की धुन पर कदम थिरकते रहे। मंजीरों की झंकार, ढोलक की थाप और राधा नाम की गूंज से पूरा कस्बा भक्तिरस में डूबा रहा।
दिन चढ़ने के साथ आस्था का यह प्रवाह और गहराता चला गया। दोपहर करीब 12 बजे अचानक आसमान का मिजाज बदला और इंद्र देव ने मेघमालाएं खोल दीं। हल्की बारिश की फुहारों ने मानो जैसे भक्तों पर आशीष बरसाया। भींगे वस्त्र और ठंडी हवा के बीच भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। गलियों से लेकर मंदिर मार्ग तक नाचते-गाते बढ़ते भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
मंदिर पहुंचकर भी भजनों का प्रवाह थमा नहीं। दर्शन की प्रतीक्षा में खड़े भक्त ताल और स्वर में राधा रानी की महिमा गाते रहे। बारिश थमने के बाद भी भक्ति की गर्माहट बनी रही। बरसाना ने फिर यह जता दिया कि यहां नववर्ष का स्वागत शोर से नहीं, बल्कि राधा नाम, भजन और मेघों के आशीष से होता है।
Trending Videos
दिन चढ़ने के साथ आस्था का यह प्रवाह और गहराता चला गया। दोपहर करीब 12 बजे अचानक आसमान का मिजाज बदला और इंद्र देव ने मेघमालाएं खोल दीं। हल्की बारिश की फुहारों ने मानो जैसे भक्तों पर आशीष बरसाया। भींगे वस्त्र और ठंडी हवा के बीच भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। गलियों से लेकर मंदिर मार्ग तक नाचते-गाते बढ़ते भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर पहुंचकर भी भजनों का प्रवाह थमा नहीं। दर्शन की प्रतीक्षा में खड़े भक्त ताल और स्वर में राधा रानी की महिमा गाते रहे। बारिश थमने के बाद भी भक्ति की गर्माहट बनी रही। बरसाना ने फिर यह जता दिया कि यहां नववर्ष का स्वागत शोर से नहीं, बल्कि राधा नाम, भजन और मेघों के आशीष से होता है।
