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Vrindavan: नगर भ्रमण पर निकले भगवान रंगनाथ, स्वागत में श्रद्धालुओं ने सजाई रंगोली; दर्शन कर हुए धन्य

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Sun, 08 Mar 2026 10:47 AM IST
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सार

वृंदावन के श्री रंगनाथ मंदिर में 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव के दूसरे दिन भगवान रंगनाथ मंदिर से बाहर निकले।भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। 

Lord Ranganath on city tour in vrindavan
भगवान रंगनाथ। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

वृंदावन में दक्षिणात्य शैली के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर के 10 दिवसीय ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन  रविवार को सुबह भगवान रंगनाथ माता गोदा जी के साथ स्वर्ण निर्मित सूर्य प्रभा वाहन पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। ठाकुर गोदा रंगमन्नर के स्वागत में भक्तों ने सुंदर रंगोलिया सजाई। मंदिर परंपरानुसार रथ मंडप से सूर्य प्रभा पर विराजमान होकर भगवान रंगनाथ की सवारी मंदिर प्रांगण में स्थित बारहद्वारी पर पहुंची। जहां मंदिर के स्वामी रघुनाथ जी के नेतृत्व में दक्षिण भारत से आए विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य सस्वर भगवान का दिव्यपाठ किया। 
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वैदिक मंत्रोचार पूर्ण होने के बाद भगवान की कुंभ आरती की गई। इसके पश्चात भगवान की सवारी नगर भ्रमण के लिए निकली। परंपरागत वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच भगवान स्वर्ण निर्मित सूर्य प्रभा वाहन पर विराजमान होकर मंदिर से बाहर निकले। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान रंगनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन निकलने वाली भगवान रंगनाथ की सवारी का महत्व बताते हुए मंदिर के रघुनाथ स्वामी ने बताया कि भगवान सूर्य ब्रह्मांड में प्रकाश करते हैं लेकिन उनके अंदर प्रभा प्रभु की ही है। क्योंकि नारायण उन सवित्र देव के मध्य विराजमान होकर अपनी शक्ति से सूर्य देव बनाए हैं। इस सवारी में बैठे प्रभु के दर्शन करने से दृष्टि दोष दूर होता है। 
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इससे पहले शनिवार शाम भगवान रंगनाथ स्वर्ण निर्मित सिंह ( शेर) वाहन पर विराजमान होकर निकले। सोने के सिंह पर विराजमान भगवान के दर्शन कर भक्त आनंदित हो गए। सिंह को मृगेंद्र भी कहा जाता है। अपने पराक्रम पर मृगेंद्र को भरोसा है लेकिन उस पर सवार भगवान ही हैं। अर्थात शक्तिशालियों के अंतर में अंतर्यामी प्रभु द्वारा प्रदान शक्ति ही है। सिंह पर विराजमान भगवान की सवारी के दर्शन से शक्ति प्राप्त होती है।



 
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