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Vrindavan: बांके बिहारी मंदिर में परंपरा बनाम नए नियम, सेवायत गोस्वामी भी उलझे; इस बात को लेकर फैला रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 12:11 PM IST
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सार
वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में परंपरा और नई व्यवस्था को लेकर सेवायत गोस्वामियों व मंदिर हाईपावर्ड कमेटी के बीच विवाद बढ़ गया है।
श्री बांकेबिहारी मंदिर
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विस्तार
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में एक तरफ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित परंपरा और दूसरी ओर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाए नए नियमों के बीच सेवायत गोस्वामी उलझे हैं। इससे आए दिन सेवायत और मंदिर कमेटी के बीच विवाद बना हुआ। अधिकांश सेवायत गोस्वामियों में प्रबंध कमेटी के प्रति रोष व्याप्त है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवाधिकारी सुनीत गोस्वामी एवं बृजेश गोस्वामी का कहना है कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर की परंपरा है कि गर्भगृह में ठाकुरजी का श्रृंगार, सेवा एवं भोग लगाने का विधान है। बड़े और निर्धारित त्योहारों एवं फूल बंगला के समय ही ठाकुरजी गर्भगृह के बाहर जगमोहन में विराजमान होते हैं। यह परंपरा उनके पूर्वजों से चली आ रही है, लेकिन श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी मंदिर की परंपराओं के इतर प्रतिदिन ठाकुरजी को जगमोहन में भी विराजमान करना चाहती है।
इसके लिए वह मंदिर के सेवायत गोस्वामियों पर दबाव बना रही है। इसका हर्जाना भक्तों को भी उठाना पड़ रहा है। उनके यजमान बिना प्रसाद, माला और आशीर्वाद के लिए रेलिंग से जा रहे हैं। वहीं इसे लेकर मंदिर प्रबंध हाईपावर्ड कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए ठाकुरजी को गर्भगृ़ह के बाहर जगमोहन में लाने का गोस्वामी समाज ने आग्रह किया है। लेकिन मंदिर की पुरानी परंपरा को देखते सेवायत गोस्वामी कमेटी के अनुसार ठाकुरजी जगमोहन में नहीं आ सके। इसके लेकर कमेटी और सेवायत गोस्वामियों के बीच तनाव बना हुआ है।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवाधिकारी सुनीत गोस्वामी एवं बृजेश गोस्वामी का कहना है कि श्रीबांकेबिहारी मंदिर की परंपरा है कि गर्भगृह में ठाकुरजी का श्रृंगार, सेवा एवं भोग लगाने का विधान है। बड़े और निर्धारित त्योहारों एवं फूल बंगला के समय ही ठाकुरजी गर्भगृह के बाहर जगमोहन में विराजमान होते हैं। यह परंपरा उनके पूर्वजों से चली आ रही है, लेकिन श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी मंदिर की परंपराओं के इतर प्रतिदिन ठाकुरजी को जगमोहन में भी विराजमान करना चाहती है।
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इसके लिए वह मंदिर के सेवायत गोस्वामियों पर दबाव बना रही है। इसका हर्जाना भक्तों को भी उठाना पड़ रहा है। उनके यजमान बिना प्रसाद, माला और आशीर्वाद के लिए रेलिंग से जा रहे हैं। वहीं इसे लेकर मंदिर प्रबंध हाईपावर्ड कमेटी ने श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए ठाकुरजी को गर्भगृ़ह के बाहर जगमोहन में लाने का गोस्वामी समाज ने आग्रह किया है। लेकिन मंदिर की पुरानी परंपरा को देखते सेवायत गोस्वामी कमेटी के अनुसार ठाकुरजी जगमोहन में नहीं आ सके। इसके लेकर कमेटी और सेवायत गोस्वामियों के बीच तनाव बना हुआ है।
