{"_id":"69a9dad852383af621012afd","slug":"the-goswami-of-the-shri-banke-bihari-temple-and-the-management-committee-are-at-loggerheads-mathura-news-c-161-1-vrn1004-101864-2026-03-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"परंपरा बनाम प्रबंधन: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में फिर टकराव, इसलिए गोस्वामी और प्रबंध कमेटी आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परंपरा बनाम प्रबंधन: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में फिर टकराव, इसलिए गोस्वामी और प्रबंध कमेटी आमने-सामने
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
सार
वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर में व्यवस्था बदलाव को लेकर सेवायत गोस्वामियों और हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के बीच विवाद बढ़ गया है। सेवायतों का आरोप है कि परंपराओं के विपरीत ठाकुरजी को गर्भगृह से बाहर लाने का दबाव बनाया जा रहा है और उनके यजमानों को वीआईपी कठघरे में प्रवेश से रोका जा रहा है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रोष व्यक्त करते सेवायत गोस्वामी।
विज्ञापन
विस्तार
श्रीबांकेबिहारी मंदिर मंदिर में व्यवस्था परिवर्तन लेकर को लेकर एक बार फिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी और सेवायत गोस्वामी आमने-सामने आ गए। बृहस्पतिवार को वीआईपी कठघरे में सेवायत के परिजन एवं यजमानों को दर्शन के लिए नहीं आने देने पर सेवायताें ने रोष व्यक्त किया। सेवायत गोस्वामियों ने मंदिर की व्यवस्थाओं में हो रहे बदलाव पर नाराजगी जताई साथ ही आरोप लगाया कि उन पर मंदिर परंपराओं के विपरीत ठाकुरजी को गर्भगृह से बाहर निकालने का दबाव बनाया जा रहा है।
Trending Videos
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में बृहस्पतिवार से मंदिर की व्यवस्था में परिवर्तन की बात सामने आई। मंदिर के सेवायत ब्रजेश गोस्वामी एवं सुनीत गोस्वामी की तीन मार्च से शुरु हुई ठाकुरजी की सेवा 26 मार्च तक रहेगी। मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने पुरानी व्यवस्था को कायम रखते हुए गर्भगृह में ही आराध्य को विराजमान कर सेवा एवं शृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए। आरोप है कि सेवायत की सेवा के दो दिन बाद बृहस्पतिवार को बिना किसी लिखित संदेश के व्यवस्था में बदलाव कर दिया। वीआईपी कठघरा के सामने दान पेटियां लगा दीं और सेवायत गोस्वामियों के परिजन एवं यजमानों को वीआईपी कठघरों में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसे लेकर सेवायत गोस्वामी मंदिर की पीछे चंदन कोठरी के गेट एकत्र हुए और रोष व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर के सेवाधिकारी सुनीत गोस्वामी ने बताया कि मंदिर की हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी द्वारा उन पर ठाकुरजी को गर्भगृह से बाहर जगमोहन में लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यही कारण है कि उनकी बहन और बहनाेई को वीआइपी कठघरे में दर्शन के लिए आने से रोक दिया गया। सेवाधिकारी ब्रजेश गोस्वामी का कहना है कि हर घंटे नियम बदले जा रहे हैं। उनके यजमानों को प्रबंधन द्वारा अंदर आने से रोका जा रहा है। उन्हें अंदर लाने के लिए वह ठाकुरजी की सेवा में से बार-बार उन्हें लेने के लिए बाहर तक जाना पड़ रहा है।
इससे पहले कमेटी के सदस्य श्रीवर्धन गोस्वामी की सेवा में मंदिर प्रबंध कमेटी के आदेश पर सभी के यजमान वीआईपी कठघरा तक आने दिया गया। उन्हें माला, प्रसाद एवं ठाकुरजी का आशीर्वाद भी मिला। अब यजमानों को वीआईपी कठघरा तक नहीं आने दिया जा रहा है। जिससे वह ठाकुरजी की माला, प्रसाद और आशीर्वाद से वंचित रह रहे हैं। मंदिर के प्रबंधक का कहना है कि ऊपर से आदेश है, लेकिन कोई भी आदेश के बारे में स्पष्ट करने वाला नहीं है।
विलास गोस्वामी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी हाईपावर्ड कमेटी को भीड़ प्रबंधन पर कार्य करना था, वह भीड़ प्रबंधन के नाम पर मंदिर की प्राचीन परंपराओं से छेड़छाड़ का प्रयास कररही है। उन्होंने प्रबंधन कमेटी के सदस्य गोस्वामियों पर भी सवाल खड़े किये। उन्हें विश्वास में लेकर ठाकुरजी की परंपाओं से खिलवाड़ करने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रबंध कमेटी 12 महीने सुबह और शाम की सेवा में ठाकुरजी को जगमोहन में लाने पर अड़ी है जबकि मंदिर परंपरा अनुसार ठाकुरजी का शृंगार, भोगराग, शयन गर्भगृह में होता है।
विशेष पर्व पर उच्च न्यायालय से निर्धारित अवसरों पर ही वह जगमोहन में आते हैं। कमेटी को परंपराओं को ध्यान में रखकर ठाकुरजी का दर्शन कैसे सुलभ हों, इस पर विचार करे तो मंदिर का गोस्वामी समाज भी उनके साथ है। सेवायत जौनी गोस्वामी ने कहा कि हाईपावर्ड कमेटी एक तरफ देहरी पूजन पर रोक लगा रही है। वहीं कमेटी खुद पूजन कर रही हैं। यह दोहरा मापदंड उचित नहीं। रोष व्यक्त करने वालों में हिंमाशु गास्वामी, देव गोस्वामी, मुन्नू गाेस्वामी, कृष्णा गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
