UP: बांकेबिहारी मंदिर नहीं जातीं सांसद हेमा मालिनी... जानें आखिर क्या है वजह, हेयर ड्रेसर के साथ हुई थी घटना
मथुरा के वृंदावन में बांकेबिहारी काॅरिडोर को लेकर सांसद हेमा मालिनी खुलकर समर्थन में उतर आई हैं। वह लोगों से बातचीत कर रहीं हैं। वहीं उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में उन्हें खुद जाने में डर लगता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कृष्ण की अनन्य भक्त, मशहूर अदाकारा व सांसद हेमा मालिनी यदि यह कहें कि वह बांके बिहारी के मंदिर में दर्शन करने नहीं जाती हैं, इससे घबराती हैं, तो यह सुनने में अजीब लगेगा। लेकिन यह सच है और उन्होंने यह स्वयं कहा है। हेमा मालिनी ने वृंदावन में बांकेबिहारी काॅरिडोर बनने का खुलकर समर्थन किया।
व्यवस्थाएं चाैपट हो गईं हैं
सांसद ने कहा कि बांके बिहारी के मंदिर में आज इतनी भीड़ उमड़ती है कि वहां व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी वहां नहीं जातीं, क्योंकि वहां महिलाओं के साथ अभद्रता होने का डर रहता है। बताया कि उनकी हेयर ड्रेसर जया जो मुंबई से आई थीं बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने गईं तो वहां उनके साथ बदसलूकी हुई। उनके बाल नोंच डाले गए। वह घबराकर वापस आ गईं। उनका अनुभव बहुत खराब रहा।
ये भी पढ़ें-UP: ट्रेन में तड़पता रहा खिलाड़ी...रेलवे से मदद मांगते रहे साथी, साढ़े तीन घंटे तक नहीं मिला इलाज; माैत
सेवायतों से की अपील
हेमा मालिनी ने कहा कि सेवायतों को यह बात समझनी चाहिए कि विकास के लिए यह बहुत जरूरी है। न केवल महिलाएं बल्कि सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि कॉरिडोर बने। कॉरिडोर बनने से सेवायतों की पूजा पद्धति में कोई फर्क नहीं आ रहा है और न ही उनको वहां से हटाया जाएगा। इस प्रकरण को लेकर सांसद हेमा मालिनी इन दिनों मथुरा में ही हैं और लोगों से बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस समय कॉरिडोर बनाने का सबसे बेहतर अवसर है। यह अवसर बार-बार नहीं मिलेगा।
ये भी पढ़ें-UP: तेरहवीं की दावत खाकर मची अफरातफरी...डाॅक्टर की दुकान पर लग गई भीड़, गांव में पहुंची स्वाथ्य विभाग की टीम
उन्होंने कहा कि सेवायतों को इसे समझना चाहिए और कॉरिडोर बनाने में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वृंदावन का मूल स्वरूप मंदिरों का है। यह बना रहना चाहिए। आजकल तमाम रेस्टोरेंट-होटल यहां खुल गए हैं, जो मंदिरों के बीच में आ गए हैं। इन सबके लिए अलग से एक जगह बननी चाहिए और मूल वृंदावन में केवल मंदिर ही स्थापित किए जाएं। ऐसे किसी कमर्शियल बिल्डिंग को यहां अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, इसके बारे में प्रशासन को सोचना होगा।

कमेंट
कमेंट X