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यूपी: भाजपा की कमजोर सीटों पर मजबूती दिखा रहे सहयोगी दल, इन सीटों पर प्रदर्शन नहीं रहा बेहतर; लगातार मिली हार
Thu, 17 Sep 2026 03:22 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 17 Sep 2026 03:22 PM IST
सार
यूपी में भाजपा की कमजोर सीटों पर सहयोगी दल मजबूती दिखा रहे हैं। मुरादाबाद जिले की चार विधानसभा सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा है। देहात, बिलारी, ठाकुरद्वारा सीट पर भाजपा को लगातार हार मिल रही है। कुंदरकी में भी 33 साल बाद उपचुनाव में ही पार्टी को जीत मिली है।
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UP Politics
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की कमजोर सीटों पर सहयोगी दलों की नजर है। सीटों के बंटवारे से पहले भाजपा के सहयोगी दलों ने उन जिलों में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जहां भाजपा को लंबे से हार मिल रही है या फिर हार और जीत का अंतर बहुत मामूली रहा है।
इसके मद्देनजर रालोद, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुभासपा सम्मेलन कर चुकीं हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह में सिर्फ मुरादाबाद नगर सीट पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं 2017 में पार्टी मुरादाबाद नगर और कांठ सीट जीतने में कामयाब रही थी।
इससे पहले 2012 में भाजपा को सिर्फ ठाकुरद्वारा सीट पर जीत मिली थी। उपचुनाव को छोड़ दिया जाए तो इन तीन चुनावों में पार्टी को बिलारी और मुरादाबाद देहात सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं 2014 में हुए उपचुनाव के बाद ठाकुरद्वारा सीट भी पार्टी के हाथ से चली गई।
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इसके मद्देनजर रालोद, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले), अपना दल (एस), निषाद पार्टी और सुभासपा सम्मेलन कर चुकीं हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह में सिर्फ मुरादाबाद नगर सीट पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं 2017 में पार्टी मुरादाबाद नगर और कांठ सीट जीतने में कामयाब रही थी।
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इससे पहले 2012 में भाजपा को सिर्फ ठाकुरद्वारा सीट पर जीत मिली थी। उपचुनाव को छोड़ दिया जाए तो इन तीन चुनावों में पार्टी को बिलारी और मुरादाबाद देहात सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं 2014 में हुए उपचुनाव के बाद ठाकुरद्वारा सीट भी पार्टी के हाथ से चली गई।
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यूपी में एनडीए गठबंधन में राष्ट्रीय लोक दल, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, अपना दल (एस), निषाद पार्टी प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) केंद्र सहयोगी दल है। ये दल 2027 के विधानसभा चुनाव में सीटों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
गठबंधन के सहयोगी दलों की नजरें मंडल की सीटों पर भी है। खासकर उन सीटों पर जिन पर भाजपा को जीत नहीं मिल रही है। यहां बहुत कम मतों से जीत हासिल हुई है। पांचों सहयोगी दल जिले में अपने अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं। कार्यकर्ता सम्मेलन, क्षेत्रीय सम्मेलन, अति पिछड़ा सम्मेलन कराकर सहयोगी दल जिले में अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं।
सहयोगी दलों की सक्रियता बढ़ी है। इसमें कुछ दल सीटों पर दावेदारी भी कर रहे हैं। सीटों का बंटवारा भाजपा और सहयोगी दलों के राष्ट्रीय स्तर के नेता मिलकर तय करेंगे। फिलहाल सभी सीटों पर पार्टी की तैयारी है। - गिरीश भंडूला, अध्यक्ष, भाजपा महानगर
किस पार्टी के कब हुए कार्यक्रम
- 13 सितंबर को मुरादाबाद में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) का सम्मेलन।
- 08 सितंबर को मुरादाबाद में निषाद पार्टी का मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन।
- 02 अगस्त को मुरादाबाद में अपना दल एस का क्षेत्रीय सम्मेलन।
- 04 जून को ठाकुरद्वारा में रालोद की विजय संकल्प महारैली।
- 29 अप्रैल को कैलासा बाईपास पर सुभासपा का अति पिछड़ा सम्मेलन।
इन सीटों पर भाजपा को मिल रही हार
| विधानसभा सीट | भाजपा की आखिरी जीत |
|---|---|
| मुरादाबाद देहात | 1993 |
| बिलारी | जीत ही नहीं मिली |
| ठाकुरद्वारा | 2012 |
| कुंदरकी | 1993 |
मंडल की इन सीटों पर भी जीत के लिए जूझ रही भाजपा
मुरादाबाद के अलावा मंडल के दूसरे जिलों में भाजपा जीत के लिए लंबे समय से जूझ रही है। इनमें अमरोहा, संभल, नगीना, नजीबाबाद, रामपुर विधानसभा सीट शामिल है। अमरोहा से 1996, संभल से 1993, नगीना से 1991, नजीबाबाद से 1991 में पार्टी को जीत मिली थी। रामपुर सीट पर 2022 में हुए उपचुनाव में पार्टी को पहली बार जीत मिली थी।
मुरादाबाद के अलावा मंडल के दूसरे जिलों में भाजपा जीत के लिए लंबे समय से जूझ रही है। इनमें अमरोहा, संभल, नगीना, नजीबाबाद, रामपुर विधानसभा सीट शामिल है। अमरोहा से 1996, संभल से 1993, नगीना से 1991, नजीबाबाद से 1991 में पार्टी को जीत मिली थी। रामपुर सीट पर 2022 में हुए उपचुनाव में पार्टी को पहली बार जीत मिली थी।
स्थापना दिवस पर रामपुर में होगा अपना दल का कार्यक्रम
अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव संजीव यादव ने बताया कि चार नवंबर को पार्टी का स्थापना दिवस है। इस दिन रामपुर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल शामिल होंगी।
अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव संजीव यादव ने बताया कि चार नवंबर को पार्टी का स्थापना दिवस है। इस दिन रामपुर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल शामिल होंगी।