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Sambhal News: हाईवे को जोड़ने वाली पुलिया बनी मुसीबत, लगातार हो रहे हादसे

Fri, 28 Aug 2026 12:36 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Fri, 28 Aug 2026 12:36 AM IST
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Highway-connecting culvert becomes a hazard; accidents occurring frequently.
मढ़न। असमोली ब्लॉक में मध्य गंगा नहर परियोजना के नाम पर खोदी गई सड़कें ग्रामीणों के लिए आफत बन गई हैं। गांव इटायला माफी से नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले मार्ग और लोदीपुर से नगला नीडर जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया तीन साल से अधूरी पड़ी हैं। पुलिया बनाकर ऊपर हल्की मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है, जो बारिश में बह गई है।
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इटायला माफी मार्ग पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। पुलिया को सड़क से समतल ही नहीं किया गया। बारिश से दोनों तरफ की मिट्टी कटकर खेतों में बह गई और गहरे गड्ढे बन गए हैं। रात में तो पुलिया दिखती ही नहीं, कई वाहन टकराकर हादसे का शिकार हो चुके हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द काम पूरा नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट पर धरना देंगे।
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कोट-

पिछले तीन वर्षों से इस रास्ते की हालत इतनी जर्जर है कि चलना भी मुश्किल हो गया है। मार्ग पर हल्की-फुल्की मिट्टी डालकर छोड़ दी है। गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके हैं। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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बब्बू खान


रात के अंधेरे में वाहन चालकों को मार्ग दिखाई नहीं देता है। जिससे वह पुलिया से टकरा जाते हैं। अब से पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। पुलिया के दोनों सिरों पर मिट्टी डालकर छोड़ दी है, इससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जीशान अहमद


हर रोज पीएम श्री विद्यालय जाना होता है। गांव के बाहर पुलिया का निर्माण पूरा करके ऊपर से मिट्टी डालकर कई वर्षों से अस्थायी रूप से चालू किया गया है। रात के अंधेरे में सड़क और पुलिया में समतल न होने से मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर जाती है।
कपिल मलिक

नगला नीडर से लोदीपुर मार्ग के बीच पुलिया का निर्माण तो करा दिया गया है, लेकिन अब भी राहगीरों को गहरे-गहरे गड्ढों के रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश के पानी से फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे लोग अक्सर चोटिल हो जाते हैं।

विजय राठौर
कोट
सभी स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है। यदि कहीं किसी खंड के स्तर से एप्रोच मार्ग बननी शेष रह गई है, तो उसे दिखवाएंगे। जल्द ही वह एप्रोच मार्ग बनवाई जाएगी। ताकि आवागमन में सहूलियत हो।


राजीव कुमार, एक्सईएन नोडल, मध्य गंगा नहर
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