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Siddharthnagar News: पेंटिंग, ग्राफिक आर्ट, टाई एंड डाई और रंगोली के जरिये रचनात्मकता का प्रदर्शन
Sun, 25 Oct 2026 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 25 Oct 2026 12:03 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित सिद्धार्थ उत्सव 2026 के शुभारंभ पर छात्र-छात्राओं द्वारा बना
- नशा मुक्ति पोस्टर और नाट्य मंचन में सामाजिक संदेश, सांस्कृतिक संध्या में होंगी विशेष प्रस्तुतियां
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित सिद्धार्थ उत्सव-2026 में शनिवार को विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा, कौशल और उद्यमिता की झलक देखने को मिली। फेस पेंटिंग, हस्तशिल्प, पेंटिंग एवं ग्राफिक आर्ट, टाई एंड डाई कार्यशाला, रंगोली और नशा मुक्ति पोस्टर मेकिंग जैसी गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। वहीं, विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। पूर्व राजदूत अखिलेश मिश्रा और कुलपति प्रो. कविता शाह ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
फेस पेंटिंग गतिविधि में विद्यार्थियों ने आकर्षक आकृतियों और रंगों के संयोजन से अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि और कुलपति ने विद्यार्थियों से संवाद कर चित्रों के पीछे की अवधारणा और रंगों के चयन के बारे में जानकारी ली। अखिलेश मिश्रा ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को परंपरागत सोच से आगे बढ़कर अपनी मौलिक पहचान विकसित करने का अवसर देती हैं। फेस पेंटिंग गतिविधि का संयोजन डॉ. दीपक जायसवाल ने किया।
हस्तशिल्प प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की ओर से तैयार कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। मुख्य अतिथि ने उनके कौशल और परिश्रम की सराहना की। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. कपिल गुप्ता और डॉ. फैजुल्ला ने किया। पेंटिंग एवं ग्राफिक आर्ट गतिविधि में छात्राओं ने कैरिकेचर, पेंटिंग और ग्राफिक कला की रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस गतिविधि का संयोजन डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. फैजुल्ला, डॉ. विनय पटेल दीक्षित, प्रो. लक्ष्मण सिंह और डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने किया।
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टाई एंड डाई कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कपड़ों पर रंगों और डिजाइन के माध्यम से कलात्मक कृतियां तैयार कीं। मुख्य अतिथि और कुलपति ने निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। डॉ. दीप्ति गिरी और डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव ने कार्यशाला का संयोजन किया। अतिथियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां पारंपरिक कला और हस्तकौशल को बढ़ावा देने के साथ व्यावहारिक दक्षता तथा स्वरोजगार की संभावनाएं भी विकसित करती हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन प्रो. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. सुनीता त्रिपाठी और डॉ. शिवम शुक्ला की टीम कर रही है।
फूड स्टॉल पर पाककला और उद्यमिता का प्रदर्शन
उत्सव में विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाए। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने स्टॉलों पर पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद लिया। अखिलेश मिश्रा और कुलपति प्रो. कविता शाह ने भी स्टॉलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों से व्यंजनों की विशेषताओं और इस पहल के पीछे की सोच के बारे में जानकारी ली।
मुख्य अतिथि ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, पाककला, कैटरिंग और खाद्य व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए संभावनाएं हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामूहिक जिम्मेदारी और प्रबंधन क्षमता विकसित करते हैं। किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास भी शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग हैं।
पोस्टर और रंगोली से दिया सामाजिक संदेश
नशा मुक्ति विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों और सामाजिक जागरूकता को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस गतिविधि का संयोजन डॉ. सरिता सिंह ने किया। रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के संयोजन और सामूहिक प्रयास से आकर्षक रंगोलियां बनाईं। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की। नाट्य मंचन में विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक विषयों और सकारात्मक बदलाव की जरूरत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। संवाद, अभिनय और सामूहिक प्रस्तुति के जरिये सामाजिक चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से रंगमंच को मनोरंजन के साथ सामाजिक चेतना का माध्यम बताया गया।
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित सिद्धार्थ उत्सव-2026 में शनिवार को विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा, कौशल और उद्यमिता की झलक देखने को मिली। फेस पेंटिंग, हस्तशिल्प, पेंटिंग एवं ग्राफिक आर्ट, टाई एंड डाई कार्यशाला, रंगोली और नशा मुक्ति पोस्टर मेकिंग जैसी गतिविधियों में छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता का प्रदर्शन किया। वहीं, विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। पूर्व राजदूत अखिलेश मिश्रा और कुलपति प्रो. कविता शाह ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
फेस पेंटिंग गतिविधि में विद्यार्थियों ने आकर्षक आकृतियों और रंगों के संयोजन से अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि और कुलपति ने विद्यार्थियों से संवाद कर चित्रों के पीछे की अवधारणा और रंगों के चयन के बारे में जानकारी ली। अखिलेश मिश्रा ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को परंपरागत सोच से आगे बढ़कर अपनी मौलिक पहचान विकसित करने का अवसर देती हैं। फेस पेंटिंग गतिविधि का संयोजन डॉ. दीपक जायसवाल ने किया।
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हस्तशिल्प प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की ओर से तैयार कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। मुख्य अतिथि ने उनके कौशल और परिश्रम की सराहना की। प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. कपिल गुप्ता और डॉ. फैजुल्ला ने किया। पेंटिंग एवं ग्राफिक आर्ट गतिविधि में छात्राओं ने कैरिकेचर, पेंटिंग और ग्राफिक कला की रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस गतिविधि का संयोजन डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. फैजुल्ला, डॉ. विनय पटेल दीक्षित, प्रो. लक्ष्मण सिंह और डॉ. सच्चिदानंद चौबे ने किया।
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टाई एंड डाई कार्यशाला में विद्यार्थियों ने कपड़ों पर रंगों और डिजाइन के माध्यम से कलात्मक कृतियां तैयार कीं। मुख्य अतिथि और कुलपति ने निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। डॉ. दीप्ति गिरी और डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव ने कार्यशाला का संयोजन किया। अतिथियों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां पारंपरिक कला और हस्तकौशल को बढ़ावा देने के साथ व्यावहारिक दक्षता तथा स्वरोजगार की संभावनाएं भी विकसित करती हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन प्रो. हरीश कुमार शर्मा, प्रो. सुनीता त्रिपाठी और डॉ. शिवम शुक्ला की टीम कर रही है।
फूड स्टॉल पर पाककला और उद्यमिता का प्रदर्शन
उत्सव में विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाए। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने स्टॉलों पर पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद लिया। अखिलेश मिश्रा और कुलपति प्रो. कविता शाह ने भी स्टॉलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों से व्यंजनों की विशेषताओं और इस पहल के पीछे की सोच के बारे में जानकारी ली।
मुख्य अतिथि ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, पाककला, कैटरिंग और खाद्य व्यवसाय जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए संभावनाएं हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सहयोग, आत्मविश्वास, सामूहिक जिम्मेदारी और प्रबंधन क्षमता विकसित करते हैं। किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और कौशल विकास भी शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग हैं।
पोस्टर और रंगोली से दिया सामाजिक संदेश
नशा मुक्ति विषय पर आयोजित पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों और सामाजिक जागरूकता को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस गतिविधि का संयोजन डॉ. सरिता सिंह ने किया। रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के संयोजन और सामूहिक प्रयास से आकर्षक रंगोलियां बनाईं। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की सराहना की। नाट्य मंचन में विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक विषयों और सकारात्मक बदलाव की जरूरत को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। संवाद, अभिनय और सामूहिक प्रस्तुति के जरिये सामाजिक चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से रंगमंच को मनोरंजन के साथ सामाजिक चेतना का माध्यम बताया गया।