सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज नगर से सटे बरैला महादेव मंदिर परिसर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन एकादशी व्रत एवं भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाया गया। आचार्य सौरभ भारद्वाज ने भागवत पुराण के अंतर्गत एकादशी व्रत के महत्व को समझाया। बताया कि सूर्य या चंद्रमा के ग्रहण, एकादशी, किसी भी सगे संबंधी के निधन, श्रीराम नवमी और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन चावल अन्न के रूप में नहीं खाना चाहिए। किसी ब्राह्मण को जब निमंत्रण दिए हों तब भी अन्न नहीं ग्रहण करना चाहिए, जब तक ब्राह्मण भोजन न कर लें। जो व्यक्ति ऐसा करता है उसके जीवन में हमेशा मंगल ही होता है। अंत में वह भगवान के धाम जाता है। जो व्यक्ति श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ एक बार कथा श्रवण कर लेता है उसे कोई भी दोष स्पर्श नहीं करता है। श्रीधाम अयोध्या से पधारे मनीष शरण महाराज ने ध्रुव चरित्र, राजा बलि प्रसंग श्री रघुवंश का वर्णन किया। एकादश वैदिक विद्वानों के वेद मंत्र से क्षेत्र गूंजायमान हो रहा है। यज्ञ कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी ने सभी क्षेत्रवासियों से प्रवचन का लाभ उठाने की अपील की। परीक्षित के रूप में मुख्य यजमान अरविंद सिंह, चितेश बहादुर सिंह, बृज बहादुर सिंह, सहयोगी यजमान संदीप कुमार सिंह, हीरामणि पांडेय, कमेटी के महामंत्री रवि प्रकाश पांडेय, बबलू सिंह, मोहन सिंह, विक्की, मुकेश पांडेय आदि मौजूद रहे।