सोनभद्र। जिले में प्रस्तावित पंप स्टोरेज पावर (पीएसपी) परियोजनाओं के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध और तेज हो गया है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्रा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और परियोजनाओं पर गहरी चिंता जताई। संदीप मिश्रा ने कहा कि एक तरफ पर्यावरण संरक्षण की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ सोनभद्र की पहाड़ियों और जंगलों में बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटने की तैयारी है। इससे न केवल पर्यावरण असंतुलन पैदा होगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका भी छिन जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्रीनको, अडानी, जेएसडब्ल्यू, अवाडा, अमूरा, टोरेंट और टीएचडीसी जैसी बड़ी कंपनियों की पीएसपी परियोजनाओं के लिए जिले में कुल 3,147 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। ग्रामीणों को डर है कि इस भूमि अधिग्रहण से उनकी खेती, पशुपालन और वन संसाधनों पर आधारित रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित परिवारों ने सरकार से मांग की है कि इन परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा की जाए और स्थानीय जनता की सहमति को प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर जल, जंगल, जमीन और उनके अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर रामसूरत खरवार, लक्षन खरवार, योगेंद्र खरवार, मुखलाल चेरो, राधा पनिका आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।