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Almora News: पुरियाचौड़ा में गर्भवतियों और बच्चों को बांटे गए खराब अंडे
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 17 May 2026 10:42 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के मानिला क्षेत्र स्थित पुरियाचौड़ा गांव में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सड़े अंडे बांटने कास मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को खराब सामग्री बांटी गई। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोषण आहार के नाम पर ऐसी सामग्री वितरित करना चिंताजनक है। उनका आरोप है कि यदि गर्भवतियां खराब अंडों का सेवन करती हैं तो इससे जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
जिला पंचायत सदस्य मनमोहन सिंह बंगारी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते क्षेत्र में खराब अंडों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विकास विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले पोषाहार की नियमित गुणवत्ता जांच होनी चाहिए। साथ ही यदि किसी ठेकेदार को यह जिम्मेदारी दी गई है और वह मानकों का पालन नहीं कर रहा है तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गर्भवतियों और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।
कोट
पोषाहार का माल पिछले महीने 20 तारीख को पहुंच गया था लेकिन हड़ताल के चलते वितरण देरी से हो पाया। इस वज़ह से हो सकता है कुछ अंडे खराब हो गए होंगे। जिन लाभार्थियों को भी खराब अंडे मिले हैं उन्हें बदलकर अच्छे अंडे दिए जाएंगे। इस मामले को विभाग गंभीरता से ले रहा है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - लीला परिहार, सीडीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पोषण आहार के नाम पर ऐसी सामग्री वितरित करना चिंताजनक है। उनका आरोप है कि यदि गर्भवतियां खराब अंडों का सेवन करती हैं तो इससे जच्चा और बच्चा दोनों की सेहत प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
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जिला पंचायत सदस्य मनमोहन सिंह बंगारी ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते क्षेत्र में खराब अंडों का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल विकास विभाग की ओर से वितरित किए जाने वाले पोषाहार की नियमित गुणवत्ता जांच होनी चाहिए। साथ ही यदि किसी ठेकेदार को यह जिम्मेदारी दी गई है और वह मानकों का पालन नहीं कर रहा है तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
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कोट
पोषाहार का माल पिछले महीने 20 तारीख को पहुंच गया था लेकिन हड़ताल के चलते वितरण देरी से हो पाया। इस वज़ह से हो सकता है कुछ अंडे खराब हो गए होंगे। जिन लाभार्थियों को भी खराब अंडे मिले हैं उन्हें बदलकर अच्छे अंडे दिए जाएंगे। इस मामले को विभाग गंभीरता से ले रहा है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - लीला परिहार, सीडीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग