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Almora News: वनाग्नि से निपटने को तैयार रहे, अराजक तत्वों से सख्ती से निपटे
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अल्मोड़ा। जिला स्तर पर वनाग्नि रोकथाम और नियंत्रण को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में बैठक हुई। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने वनाग्नि से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने वन विभाग को फायर लाइन निर्माण, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, फायर वॉचर की तैनाती तथा आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्राम स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समितियों को सक्रिय करने तथा किसी भी घटना की त्वरित सूचना और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि वनाग्नि काल से पहले ही प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर लिए जाएं। अराजक तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए। जो भी व्यक्ति या समूह वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त पाया जाए, उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं से पर्यावरण, वन्यजीव और जनधन को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि अल्मोड़ा में प्रत्येक वर्ष 15 फरवरी से 15 जून की अवधि को वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इस अवधि के दौरान वन क्षेत्रों में आग की घटनाओं को रोकने हेतु सभी विभागों को सतर्क और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। वहां प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी, सीडीओ रामजी शरण शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्राम स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन समितियों को सक्रिय करने तथा किसी भी घटना की त्वरित सूचना और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि वनाग्नि काल से पहले ही प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर लिए जाएं। अराजक तत्वों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए। जो भी व्यक्ति या समूह वनाग्नि की घटनाओं में संलिप्त पाया जाए, उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं से पर्यावरण, वन्यजीव और जनधन को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
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प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि अल्मोड़ा में प्रत्येक वर्ष 15 फरवरी से 15 जून की अवधि को वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इस अवधि के दौरान वन क्षेत्रों में आग की घटनाओं को रोकने हेतु सभी विभागों को सतर्क और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। वहां प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी, सीडीओ रामजी शरण शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल आदि मौजूद रहे।

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