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Almora News: निजीकरण के विरोध में पुतला फूंका, नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:36 PM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) दवा फैक्टरी के निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्काईमैप फार्मा के मालिक संजय गुप्ता का पुतला दहन किया तथा निजीकरण के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
धरना स्थल पर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने कहा कि आईएमपीसीएल केवल एक दवा फैक्टरी नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सैकड़ों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी को लीज पर मिली करीब 46 एकड़ भूमि पर निजी हितों की नजर है।
उनका कहना था कि संजय गुप्ता की रुचि फैक्टरी की भूमि में है और वह भविष्य में वहां होटल व रिसॉर्ट विकसित करना चाहते हैं, जिसके चलते दवा कारखाने को बंद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और क्षेत्रवासी किसी भी कीमत पर फैक्टरी का निजीकरण और बंदी स्वीकार नहीं करेंगे।
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आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को सुना और उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया। धरने के दौरान दैनिक श्रमिक किशन राम ने निजीकरण के विरोध में सात घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर सांकेतिक भूख हड़ताल की।
इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, देवेन्द्र रावत, लीलाधर भट्ट, घनानंद शर्मा, श्याम बोरा, लेखराज गौतम, राकेश यादव, गुलशन जाटव, विजय रावत, आदिल खान, फरमान सिद्दीकी सहित फैक्टरी के सभी कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे ।
धरना स्थल पर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने कहा कि आईएमपीसीएल केवल एक दवा फैक्टरी नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सैकड़ों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी को लीज पर मिली करीब 46 एकड़ भूमि पर निजी हितों की नजर है।
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उनका कहना था कि संजय गुप्ता की रुचि फैक्टरी की भूमि में है और वह भविष्य में वहां होटल व रिसॉर्ट विकसित करना चाहते हैं, जिसके चलते दवा कारखाने को बंद करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और क्षेत्रवासी किसी भी कीमत पर फैक्टरी का निजीकरण और बंदी स्वीकार नहीं करेंगे।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को सुना और उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया। धरने के दौरान दैनिक श्रमिक किशन राम ने निजीकरण के विरोध में सात घंटे तक अन्न और जल का त्याग कर सांकेतिक भूख हड़ताल की।
इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत, देवेन्द्र रावत, लीलाधर भट्ट, घनानंद शर्मा, श्याम बोरा, लेखराज गौतम, राकेश यादव, गुलशन जाटव, विजय रावत, आदिल खान, फरमान सिद्दीकी सहित फैक्टरी के सभी कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे ।