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Almora News: किसानों को टिकाऊ खेती के लिए किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:31 PM IST
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खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जानकारी देते वीपीकेएएस अल्मोड़ा के वैज्ञानिक
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अल्मोड़ा। विवेकाननंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की ओर से संचालित राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत अल्मोड़ा में कृषक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्थान के वैज्ञानिकों ने हवालबाग के महतगांव तथा चौखुटिया के मासी न्याय पंचायत क्षेत्र के किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी।
महतगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों तथा विभागीय सहायता योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त लघु कृषि यंत्रों, समयबद्ध कृषि कार्यों, सब्सिडी प्रावधानों तथा जैविक व प्राकृतिक खेती को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
चौखुटिया के मासी क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों के मासी, सीमा, कनरे, ऊंचावाहन, गोगता और कंहोनी के किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा परीक्षण की आवश्यकता तथा जैविक खाद, वर्मीकंपोस्ट और हरित खाद के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। कृषि विभाग की ओर से सहायक कृषि अधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। । कार्यक्रम में डॉ. जय प्रकाश आदित्य, डॉ. महेंद्र भिंडा और स्वप्निल बिष्ट सहित वैज्ञानिकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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महतगांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन और रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों, उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों तथा विभागीय सहायता योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। वैज्ञानिकों ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त लघु कृषि यंत्रों, समयबद्ध कृषि कार्यों, सब्सिडी प्रावधानों तथा जैविक व प्राकृतिक खेती को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
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चौखुटिया के मासी क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों के मासी, सीमा, कनरे, ऊंचावाहन, गोगता और कंहोनी के किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा परीक्षण की आवश्यकता तथा जैविक खाद, वर्मीकंपोस्ट और हरित खाद के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। कृषि विभाग की ओर से सहायक कृषि अधिकारी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। । कार्यक्रम में डॉ. जय प्रकाश आदित्य, डॉ. महेंद्र भिंडा और स्वप्निल बिष्ट सहित वैज्ञानिकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।