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Almora News: अध्यापकों की कमी जूझ रहा राजकीय इंटर कॉलेज गुमटी
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:29 PM IST
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राजकीय इंटर कालेज गुमटी।
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अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज गुमटी में मुख्य विषयों के शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यालय में वर्षों से भौतिक विज्ञान और इतिहास विषय के प्रवक्ता नियुक्त नहीं किए गए हैं, जिससे छात्रों को पठन-पाठन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्याल्दे ब्लॉक के इस विद्यालय की स्थिति यह है कि यहां प्रवक्ता के आठ पद सृजित हैं लेकिन सभी पद खाली हैं। वर्तमान में शिक्षण कार्य अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। यही कारण है कि सहायक अध्यापक को प्रभारी प्रधानाचार्य बना देना विभाग की मजबूरी बन गया है। विद्यालय में सहायक अध्यापकों के सात पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं, फिर भी मुख्य विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी छात्रों के भविष्य पर असर डाल रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि विद्यालय में हिंदी और समाजशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद भी सृजित नहीं किए गए हैं।
विज्ञान वर्ग के लगभग 30 छात्र-छात्राएं बिना भौतिक विज्ञान के शिक्षक के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुल 140 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार बेहतर शिक्षा की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। वह शीघ्र ही रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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कोट
विद्यालय में हिन्दी का पद सृजित नहीं है वहीं भौतिक विज्ञान और इतिहास के प्रवक्ता नहीं हैं। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी से निदेशालय स्तर तक पत्राचार लगातार किया जा रहा है। शिक्षकों के नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - आनंद सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य जीआईसी गुमटी
स्याल्दे ब्लॉक के इस विद्यालय की स्थिति यह है कि यहां प्रवक्ता के आठ पद सृजित हैं लेकिन सभी पद खाली हैं। वर्तमान में शिक्षण कार्य अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। यही कारण है कि सहायक अध्यापक को प्रभारी प्रधानाचार्य बना देना विभाग की मजबूरी बन गया है। विद्यालय में सहायक अध्यापकों के सात पदों पर शिक्षक कार्यरत हैं, फिर भी मुख्य विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी छात्रों के भविष्य पर असर डाल रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि विद्यालय में हिंदी और समाजशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के पद भी सृजित नहीं किए गए हैं।
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विज्ञान वर्ग के लगभग 30 छात्र-छात्राएं बिना भौतिक विज्ञान के शिक्षक के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। कुल 140 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार बेहतर शिक्षा की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। वह शीघ्र ही रिक्त पदों पर नियुक्ति करने की मांग कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
कोट
विद्यालय में हिन्दी का पद सृजित नहीं है वहीं भौतिक विज्ञान और इतिहास के प्रवक्ता नहीं हैं। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी से निदेशालय स्तर तक पत्राचार लगातार किया जा रहा है। शिक्षकों के नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - आनंद सिंह, प्रभारी प्रधानाचार्य जीआईसी गुमटी