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Almora News: जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से चरमराई व्यवस्था, मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:27 AM IST
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अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। अस्पताल के दो डॉक्टरों के अवकाश पर रहने, दो के कैंप और एक चिकित्सक के वीआईपी ड्यूटी पर चले जाने से दूर-दराज से आए मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि ओपीडी में 545 मरीज उपचार के लिए पहुंचे थे लेकिन डॉक्टरों के कमी के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ा या फिर निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ी।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन मपवाल और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके मेहता कैंप ड्यूटी पर तैनात थे। फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या वीआईपी ड्यूटी पर गए थे। इनके अलावा चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके जोशी और एक अन्य हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश अवकाश पर रहे।
महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टरों के न होने से हवालबाग, धौलादेवी, भैंसियाछाना, लमगड़ा और ताकुला जैसे दूरस्थ विकासखंडों से आए मरीजों को भारी परेशानी हुई। उन्हें मजबूरी में जिला अस्पताल से पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। हालांकि बेस अस्पताल में भी मरीजों की भारी भीड़ होने के कारण कई लोगों को क्लिनिक में महंगा इलाज कराना पड़ा जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। देर तक नंबर न आने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों की बसें और गाड़ियां छूट गईं जिससे उन्हें घर वापसी में भी परेशानी झेलनी पड़ी।
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क्या बोले भुक्तभोगी मरीज
मैं आंख दिखाने जिला अस्पताल आया था लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर साहब कैंप ड्यूटी पर गए हैं। अब मजबूरी में दूसरे अस्पताल जाना पड़ रहा है। समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। - सुंदर राम, स्थानीय निवासी, अल्मोड़ा
- हड्डी का उपचार कराने के लिए सुबह ही आ गया था लेकिन यहां आकर मालूम हुआ कि एक डॉक्टर अवकाश पर हैं और दूसरे कैंप ड्यूटी पर। बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है। - मनोज बिष्ट, पीड़ित मरीज, अल्मोड़ा
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन मपवाल और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके मेहता कैंप ड्यूटी पर तैनात थे। फिजिशियन डॉ. हरीश आर्या वीआईपी ड्यूटी पर गए थे। इनके अलावा चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके जोशी और एक अन्य हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश अवकाश पर रहे।
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महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टरों के न होने से हवालबाग, धौलादेवी, भैंसियाछाना, लमगड़ा और ताकुला जैसे दूरस्थ विकासखंडों से आए मरीजों को भारी परेशानी हुई। उन्हें मजबूरी में जिला अस्पताल से पांच किलोमीटर दूर बेस अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। हालांकि बेस अस्पताल में भी मरीजों की भारी भीड़ होने के कारण कई लोगों को क्लिनिक में महंगा इलाज कराना पड़ा जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। देर तक नंबर न आने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों की बसें और गाड़ियां छूट गईं जिससे उन्हें घर वापसी में भी परेशानी झेलनी पड़ी।
क्या बोले भुक्तभोगी मरीज
मैं आंख दिखाने जिला अस्पताल आया था लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर साहब कैंप ड्यूटी पर गए हैं। अब मजबूरी में दूसरे अस्पताल जाना पड़ रहा है। समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। - सुंदर राम, स्थानीय निवासी, अल्मोड़ा
- हड्डी का उपचार कराने के लिए सुबह ही आ गया था लेकिन यहां आकर मालूम हुआ कि एक डॉक्टर अवकाश पर हैं और दूसरे कैंप ड्यूटी पर। बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है। - मनोज बिष्ट, पीड़ित मरीज, अल्मोड़ा