{"_id":"6a53e9ca128041c5d6075e7d","slug":"kumaoni-litterateur-mahendra-thakurathi-honored-in-nepal-almora-news-c-232-1-alm1019-145980-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: नेपाल में सम्मानित हुए कुमाऊंनी साहित्यकार महेंद्र ठकुराठी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: नेपाल में सम्मानित हुए कुमाऊंनी साहित्यकार महेंद्र ठकुराठी
Mon, 13 Jul 2026 12:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। कुमाऊंनी साहित्यकार महेंद्र ठकुराठी को नेपाल में दिलानंद देवकी पंत डोटी रत्न पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान क्षेत्रीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन में योगदान के लिए गुगुल्डि वाङ्मय प्रतिष्ठान द्वारा दिया जाता है। प्रतिष्ठान की नेपाली साहित्यिक मासिक पत्रिका गुगुल्डि के वार्षिक उत्सव में ठकुराठी को यह सम्मान प्रदान किया गया। उनके साथ ही कई अन्य लोगों सम्मानित किया गया है।
सम्मानित होकर लौटे महेंद्र ठकुराठी ने बताया कि समारोह कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें नेपाल और भारत के अनेक साहित्यकारों ने भाग लिया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, नकद धनराशि और उपहार भेंट किए गए। उनके साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले अन्य साहित्यकारों और रचनाकारों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार वीर बहादुर चंद की पुस्तक लोली गमरा तथा युवा साहित्यकार एनआर भट्ट के उपन्यास खाम का विमोचन भी किया गया। इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में 18 रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि कृष्णदत्त चटौत कांत ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में गुगुल्डि वाङ्मय प्रतिष्ठान और उसकी पत्रिका की भूमिका की सराहना की।
विज्ञापन
सम्मानित होकर लौटे महेंद्र ठकुराठी ने बताया कि समारोह कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें नेपाल और भारत के अनेक साहित्यकारों ने भाग लिया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, नकद धनराशि और उपहार भेंट किए गए। उनके साथ विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले अन्य साहित्यकारों और रचनाकारों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार वीर बहादुर चंद की पुस्तक लोली गमरा तथा युवा साहित्यकार एनआर भट्ट के उपन्यास खाम का विमोचन भी किया गया। इसके बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में 18 रचनाकारों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि कृष्णदत्त चटौत कांत ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में गुगुल्डि वाङ्मय प्रतिष्ठान और उसकी पत्रिका की भूमिका की सराहना की।
विज्ञापन